24 सितंबर 2011 - 20:30

ज़ुल्म और नरेन्द्र मोदी के सदभावना उपवास के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न धर्मों के अनुयायियों ने एकजुट होकर रोज़ा व व्रत रखा......

ज़ुल्म व ज़ालिम के विरुद्ध एकजुट हुए विभिन्न धर्मों के लोग

        भारत से अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार जुल्म और नरेन्द्र मोदी के सदभावना उपवास के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न धर्मों के अनुयायियों ने एकजुट होकर रोज़ा व व्रत रखा। ऐतिहासिक आसिफ़ी इमामबाड़े में शुक्रवार को इमामे जुमा सय्यद कल्बे जवाद के आहवान पर बड़ी संख्या में हिन्दू, सिख व ईसाई धर्म के लोग एकत्रित हुए। सबने अपने धर्म के अनुसार रोज़ा व व्रत रखकर ज़ुल्म, दहशतगर्दी व ज़ालिम शासकों की सत्ता समाप्त करने के लिए दुआ की।
 मौलाना कल्बे जवाद ले कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री  नरेन्द्र मोदी हज़ारों बेगुनाहों का क़ातिल है। वह सतभावना उपवास रखकर क्या सित करना चाहता है। दुनिया की अदालतें सुबूत देककर सज़ा देतीं हैं मगर सबसे बड़ी अदालत, अल्लाह की अदालत में ऐसा नहीं है, वहां ज़ालिम को सज़ा अवश्य मिलती है। आज यहां बड़ी संख्या में तमाम धर्मों के लोगों ने एकत्रित होकर यह साबित कर जिया है कि वह हक़ और इन्सानियत के साथ और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ हैं। उन्होने कहा कि यह विरोध मोदी जैसे हर व्यक्ति के ख़िलाफ़ है जो इन्सानियत के दुश्मन हैं। 
 इस अवसर पर  मौजूद स्वामी अग्निवेश ने अपने सम्बोधन का आरम्भ बिस्मिल्लाह से करते हुए कहा कि मौलाना कल्बे जवाद का कार्यक्रम भाईचारे को बढ़ावा देने वाला है । दिल्ली से आए आचार्य प्रमोद क्रष्णन ने कहा कि मोदी के  सतभावना उपवास में सदाचार नही बल्कि अहंकार व तकब्बुर नज़र आता है।
समाचार समाप्त
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