23 सितंबर 2011 - 20:30

आज पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेहि व सल्लम के पौत्र हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम की शहादत का दुःखद अवसर है।

आज पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेहि व सल्लम के पौत्र हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम की शहादत का दुःखद अवसर है। इस  दुखद अवसर पर हम सभी मुसलमानों की सेवा में संवेदना व्यक्त करते हैं।
आज उस ईश्वरीय प्रतिनिधि की शहादत का दुःखद अवसर है जो सच्चाई व वास्तविकता का ध्वजावाहक, आकाश में चमकते तारे की भांति मार्गदर्शक और मुक्ति व कल्याण के मार्ग की खोज करने वालों का पथप्रदर्शक है। २५ शव्वाल १४८ हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेहि व सल्लम के परिवार की एक महान हस्ती की शहादत के शोक में डूब गया। दूसरे अब्बासी शासक मंसूर दवानेक़ी के एक षडयंत्र में ६५ वर्ष की आयु में आज ही के दिन हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम शहीद हो गये।
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