22 सितंबर 2011 - 20:30

राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने बल दिया है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा सहित बड़ी एतिहासिक उपलब्धियों के बावजूद मानवीय समाज अपनी स्वभाविक कामनाओं और इच्छाओं से यथावत बहुत दूर है

राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने बल दिया है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा सहित बड़ी एतिहासिक उपलब्धियों के बावजूद मानवीय समाज अपनी स्वभाविक कामनाओं और इच्छाओं से यथावत बहुत दूर है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के 66वें अधिवेशन में भाषण देते हुए इस बात की ओर संकेत किया कि संयुक्त राष्ट्र संघ का विचार मानवीय समाज की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, कहा कि वैश्विक प्रबंधन के केन्द्रों पर विराजमान लोग, सामूहिक सहयोग और आपसी तालमेल से विश्व समुदाय को निराश करना चाहते हैं किन्तु हमें इस बात का विश्वास है कि हम वास्तविक संयुक्त प्रबंधन को प्राप्त कर सकते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता, न्याय, चुनाव का अधिकार, प्रतिष्ठा, कल्याण और स्थाई शांति समस्त राष्ट्रों का अधिकार है और यह मूल्य मौजूद अयोग्य वैश्विक प्रबंधन पर भरोसा करने या साम्राज्यवादियों के हस्तक्षेप के मार्ग से प्राप्त नहीं किये जा सकते बल्कि यह स्वाधीनता, परस्पर अधिकारों को स्वीकारने, सहृदयता और सहयोग की छत्रछाया से प्राप्त होगें। उन्होंने कहा कि सभी लोगों के शांति, प्रगति और मित्रता की ओर रूझहान के बावजूद हम देखते हैं कि युद्ध, जनसंहार, व्यापक दरिद्रता, राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक संकट, भेदभाव, अपमान, अशांति फैली हुई है। समाचार समाप्त..........166