ईरान में पवित्र प्रतिरक्षा सप्ताह के समारोहों का आयोजन आरंभ हो गया है।इस अवसर पर आयोजित एक परेड में इस्लामी गणतंत्र ईरान के ज्वाइंट चीफ़ आफ़ स्टाफ़ के प्रमुख मेजर जनरल सय्यद हसन फ़िरोज़ाबादी ने कहा है कि पवित्र प्रतिरक्षा सप्ताह के आठ वर्षों में ईरानी राष्ट्र का साहसिक संघर्ष, विश्व वासियों के लिए अमिट आदर्श है। मेजर जनरल सैयद हसन फ़िरोज़ाबादी ने तेहरान में आयोजित होने वाली एक परेड में अपने भाषण के दौरान कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने आंरभिक महीनों में ही, अतिक्रमणकारी इराक़ी सैनिकों को सभी मोर्चों पर पराजित कर दिया था और थोपे गये युद्ध को समाप्त करने के लिए अपनी तार्किक व न्यायपूर्ण शर्तों की घोषणा कर दी थी। उन्होंने कहा कि शत्रुओं की ओर से हर प्रकार के राजनीतिक, सैनिक व आर्थिक दबावों तथा प्रतिबंधों के बावजूद, आठ वर्षों तक अतिक्रमणकारी इराक़ी सेना के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र, सशस्त्र सैन्य बलों, क्रांति सरंक्षक बल और स्वंयसेवी सैनिकों का संघर्ष इस संकल्प का चिन्ह है कि ईरानी राष्ट्र और सशस्त्र सैनिक, अपने उच्च आदर्शों और इस्लामी क्रांति की मान्यताओं की राह में किसी भी प्रकार के संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं। याद रहे वर्ष 1980 में इराक़ द्वारा ईरान पर थोपे गए आठ वर्षीय युद्ध के दौरान ईरानी राष्ट्र के महान प्रतिरोध एवं प्रतिरक्षा की याद में सितम्बर महीने के चौथे सप्ताह को पवित्र प्रतिरक्षा सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इस संबंध में मुख्य आयोजन आज राजधानी तेहरान में ज्वाइंट चीफ़ आफ़ स्टाफ़ के प्रमुख मेजर जनरल सैयद हसन फ़ीरोज़ाबादी के भाषण से आरंभ हुआ। 31वें प्रतिरक्षा सप्ताह के समारोह में देश के वरिष्ठ सैन्य व नागरिक नेता उपस्थित थे। इसी प्रकार 80 देशों के सैनिक अधिकारियों ने भी समारोह में भाग लिया। ईरान की सेना के तीनों विभाग ने समारोह में परेड करके देश की प्रतिरक्षा के लिए अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया।