भारत से अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार
शिया धर्म गुरू व मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के उपाध्यक्ष डा. कल्बे सादिक़ ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी द्रारा तथाकथित शांति, सौहार्द और एकता के लिए किए जा रहे तीन दिवसीय उपवास पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गुजरात में महात्मा गांधी ने भी उपवास रखे थे और आज वहां के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उपवास कर रहे हैं लेकिन दोनों उपवासों में बहुत अन्तर है। गांधी जी का उपवास दिखावे के लिए नहीं था जबकि नरेन्द्र मोदी सिर्फ़ दिखावा कर रहे हैं। उन्होने कहा कि मोदी अगर सच में मुसलमानो के सामने अपनी छवि सुधारना चाहते हैं तो उन्हे मुसलमानों की शिक्षा एवं विकास के लिए ठोस काम करना होगा।-मोदी से मुक्ति के लिए मुसलमान रोज़ा और हिन्दू व्रत रखें- कल्बे जवाद
उधर मौलाना सय्यद कल्बे जवाद ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपने जन्मदिन पर शुरू किए गए तीन दिन के उपवास को नाटक बताते हुए कहा कि देश को मोदी से मुक्ति दिलाने के लिए वह आगामी 23 सितम्बर को रोज़ा रखेंगे। मौलाना सय्यद कल्बे जवाद ने कहा कि साम्प्रादायिक सौहार्द के लिए नरेन्द्र मोदी का तीन रोज़ा उपवास, नाटक से ज़्यादा कुछ नहीं है। सन् 2002 के दंगों में हज़ारों मुसलमान और हिन्दुओं के क़त्लेआम के ज़िम्मेदार गुजरात के मुख्यमंत्री को यह हक़ नहीं है कि वह साम्प्रादायिक सौहार्द की वात करें। उन्होने कहा कि वह देश को मोदी और उन जैसे लोगों से मुक्त कराने के लिए आगामी शुक्रवार को राजधानी लखनऊ की एतिहासिक इमारत, बड़ा इमामबाड़ा में रोज़ा रखेंगे। रोज़े में शान्तिपसंद हिन्दू भी आएंगे और व्रत रखेंगे तथा शाम को हिन्दू अपना व्रत और मुसलमान रोज़ा खोलेंगे।समाचार समाप्त......166