बहरैन में राजशाही व्यवस्था के विरुद्ध प्रदर्शन करने के कारण जेल में बंद दो सौ से अधिक बहरैनी नागरिकों ने भूख हड़ताल आरंभ कर दी है। बहरैन के मानवाधिकार केन्द्र बीसीएचआर के प्रमुख नबील रजब ने बताया कि भूख हड़ताल करने वाले बंदियों की संख्या दो सौ के ऊपर हो गयी है। बहरैन में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का उपचार करने के आरोप में गिरफ़तार किए गए डाक्टरों व नर्सों ने सैन्य न्यायालयों द्वारा मुक़द्दमा चलाए जाने के विरूद्ध पिछले सप्ताह भूख हड़ताल की थी। कुछ डाक्टरों व नर्सों की स्थिति गंभीर है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बहरैन के मानवाधिकार कार्यकर्ता अब्दुलहादी अलख़ाजा और विपक्षी हक़ आंदोलन के सदस्य अब्दुल जलील अल सिंगासी भी जिन्हें आजीवन कारावास का दंड सुनाया गया है, भूख हड़ताल में शामिल हो गए हैं। गिरफ़तार किए गए लोगों का कहना है कि मुक़द्दमा सैन्य ट्राइब्यूनल के बजाए नागरिक न्यायालय में चलना चाहिए। ये मुक़द्दमे बुधवार को आरंभ होने जा रहे हैं। बहरैन में राजशाही व्यवस्था के विरुद्ध प्रदर्शन करने वाली दो महिला बंदियों ने भी पिछले महीने स्वंय के जेल में बंद किए जाने के विरुद्ध भूख हड़ताल की थी और इन महिलाओं को यातनाएं दी गयी थीं। एम्नेस्टी इंटरनेश्नल के अनुसार बहरैन की नर्सिंग सोसायटी की प्रमुख रूला अलसफ़्फ़ार और बहरैनी शिक्षक संघ की उपाध्यक्ष जलीला अलसलमान को कई महीने पहले शासन विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण गिरफ़तार किया गया था। एमनेस्टी इंटरनेश्नल के अनुसार इन दोनों महिलाओं को यातनाएं दी गयीं। इन महिलाओं को दस दिन भूख हड़ताल के पश्चात ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था। बहरैन की राजशाही व्यवस्था का कहना है कि दोनों महिलाओं के विरुद्ध निकट भविष्य में मुक़द्दमा चलाया जाएगा।समाचार समाप्त.......166
5 सितंबर 2011 - 19:30
समाचार कोड: 264057
बहरैन में राजशाही व्यवस्था के विरुद्ध प्रदर्शन करने के कारण जेल में बंद दो सौ से अधिक बहरैनी नागरिकों ने भूख हड़ताल आरंभ कर दी ....