31 अगस्त 2011 - 19:30

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इस्लामी राष्ट्र की महानता को इस्लामी शक्ति की ओर वापसी, ईश्वर पर भरोसे तथा अपनी आश्चर्यजनक योग्यताओं की पहचान पर निर्भर बताया है....

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इस्लामी राष्ट्र की महानता को इस्लामी शक्ति की ओर वापसी, ईश्वर पर भरोसे तथा अपनी आश्चर्यजनक योग्यताओं की पहचान पर निर्भर बताया है। 

वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने आज ईद के शुभ अवसर पर कुछ उच्च सरकारी अधिकारियों और आम जनता से भेंट में क्षेत्र में इस्लामी चेतना को अपनी पहचान की ओर मुसलमानों की वापसी बताया और इस आंदोलन को इस्लामी इतिहास में अत्याधिक महत्वपूर्ण व मूल्यवान कहा और स्पष्ट किया कि आज मिस्र, ट्यूनेशिया, यमन, लीबिया, बहरैन और अन्य कुछ देशों में जो घटनाएं हो रही हैं वह निर्णायक और मुसलमानों का भविष्य निर्धारित करने वाली हैं।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि इस्लामी राष्ट्रों का संकल्प उन लोगों के मुक़ाबले में विजयी हो गया जो इस्लामी देशों में हस्तक्षेप का प्रयास कर रहे हैं तो इस्लामी देश लंबी अवधि तक, विकास की ओर अग्रसर रहेंगे किंतु यदि साम्राज्य , अंतरराष्ट्रीय ज़ायोनिज़्म और वर्चस्ववादी जिन में अमरीका की अत्याचारी सरकार भी शामिल है, इन परिस्थितियों से लाभ उठाने में सफल हो गये तो निश्चित रूप से आगामी दसियों वर्षों तक इस्लामी जगत बड़ी बड़ी समस्याओं से जूझता रहेगा। 

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