इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने क़ुदस दिवस को अन्तर्राष्ट्रीय इस्लामी दिवस बताया है। उन्होंने क्षेत्र की हालिया घटनाओं के परिणामों को पश्चिम के राजनैतिक एवं आर्थिक सिद्धांतों के ग़लत सिद्ध होने का कारण बताया। वरिष्ठ नेता ने कल शाम तेहरान में विश्वविद्यालयों के छात्रों और प्रोफेसरों के साथ भेंट में कहा, क़ुदस दिवस, महान एवं महत्वपूर्ण दिन है। यह वह दिन है जिस दिन ईरानी राष्ट्र तथा अन्य मुसलमान राष्ट्र उन सही बातों को कहेंगे जिन्हें छिपाने के लिए पश्चिम ने पिछले साठ वर्षों से पूंजी निवेश किया है। आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इस बात पर संतोष व्यक्त करते हुए कि इस वर्ष क़ुदस दिवस, ईरान तथा इस्लामी देशों में बड़े ही वैभवशाली ढंग से मनाया जाएगा, वैज्ञानिक प्रगति को वर्चस्ववादी मोर्चे के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र के भव्य प्रतिरोध का मूल स्तंभ बताया और बल देकर कहा कि यह वैज्ञानिक प्रगति जिसने ईरान में महान राष्ट्र को आत्मविश्वास, गौरव, इच्छा शक्ति और प्रतिरोध जैसी विशेषताएं प्रदान कीं हैं वे विश्वविद्यालयों और छात्रों की देन हैं। वरिष्ठ नेता ने शत्रुओं की ओर से जारी सैनिक, राजनैतिक तथा सुरक्षा संबन्धी धमकियों तथा देश के विद्धानों की हत्याएं और ईरान पर लगे प्रतिबंधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि शत्रुओं के मोर्चे के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र अपनी पूरी शक्ति के साथ प्रतिरोध कर रहा है तथा उसने देश की वैज्ञानिक प्रगति के सहारे वर्चस्ववादियों के सामने स्पष्ट रूप में सदा ही "न" कहा है। वरिष्ठ नेता ने क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा करते हुए क्षेत्र की हालिया घटनाओं का एक परिणाम, पश्चिम के आर्थिक एवं राजनैतिक सिद्धांत का ग़लत सिद्ध होना बताया। आयतुल्ला ख़ामेनेई ने कहा कि क्षेत्रीय घटनाएं और पश्चिमी देशों की चरमराती आर्थिक स्थिति यह दर्शाती है कि पश्चिम का आर्थिक एवं राजनैतिक सिद्धांत पूर्ण रूप से ग़लत एवं विफल है अतः इस्लामी विचार को अधिक से अधिक सुदृढ़ करने के प्रयास किये जाने चाहिए। समाचार समाप्त........166
24 अगस्त 2011 - 19:30
समाचार कोड: 261882
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने क़ुदस दिवस को अन्तर्राष्ट्रीय इस्लामी दिवस बताया है