हिन्दू ताज़ियेदारों ने भी मनाया इमाम का ग़मभारत से अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार हज़रत अली (अ.) की याद में मजलिसों का सिलसिला आज तीसरे दिन भी जारी रहा। पुराने लकनऊ सहित हज़रतगंज स्थित इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद, इमामबाड़ा शाहनजफ़ सहित अन्य इमामबाड़ों, अज़ाख़ानों और कर्बलाओं में रोज़ेदार अक़ीदतमंदों ने मौलाए काएनात हज़रत अली (अ.) की याद में मजलिस-मातम कर इमाम का ग़म मनाया। रुस्तम नगर स्थित रौज़ए बैतुल हुज़्न के सहन में हुई मजलिस को मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने सम्बोधित करते हुए हज़रत अली (अ.) की शहादत बयान की, जिसे सुनकर अक़ीदतमंद ज़ारोक़तार रोने लगे। बड़े इमामबाड़े में हुइ मजलिस को मौलाना मोहम्मद मशरक़ैन ने सम्बोधित किया । वहीं हिन्दू ताज़ियेदारों ने भी हज़रत अली (अ.) के ग़म में बशीरतगंज स्थित इमामबाड़ा किश्नूख़लीफ़ा में चराग़ाँ किया और हज़रत अली की शिक्षाओं को याद करते हुए दुआएं मांगी। संघ से जुड़े हुए हिन्दू ताज़येदारों ने 19 रमज़ान के जुलूस में भी शिरकत की थी। इसके अलावा भी शहर के अन्य इमामबाड़ों, अज़ाख़ानों और कर्बलाओं में भी इमाम का ग़म मनाया गया। दूसरी ओर अफ्हामे-ए-ज़मा सोसाइटी की ओर से संस्था के दौलतगंज स्थित कार्यालय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने हज़रत अली (अ.) की शिक्षाओं पर रौशनी डालते हुए हज़रत अली को श्रद्धांजली अर्पित की।समाचार समाप्त.........166
21 अगस्त 2011 - 19:30
समाचार कोड: 261293
पूरे भारत में हज़रत अली (अ.) की याद में मजलिसों का सिलसिला आज तीसरे दिन भी जारी रहा۔۔۔۔۔۔