8 नवंबर 2011 - 20:30

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि प्रतिबंधों जैसे विफल शस्त्र के माध्यम से इस्लामी क्रांति के शत्रु, इस्लामी शासन व्यवस्था को क्षति पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि आर्थिक प्रतिबंधों के विरूद्ध आर्थिक परिश्रम ही जनता तथा राजनीतिज्ञों के प्रभावी हथियार हैं उन्होंने कहा प्रतिबंधों जैसे विफल शस्त्र के माध्यम से इस्लामी क्रांति के शत्रु, इस्लामी शासन व्यवस्था को क्षति पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं किंतु जनता और अधिकारियों के अथक प्रयासों के कारण उनका यह द्वेषपूर्ण लक्ष्य अबतक विफल रहा और भविष्य के प्रति आशान्वित रहते हुए ईरानी राष्ट्र अपने उचित स्थान को प्राप्त करेगा। आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने कल शाम तेहरान में देश के आर्थिक विशेषज्ञों के एक दल के साथ भेंट में प्रयास, गहरी सोच और ईरान के विकास कार्यक्रमों के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अधिक तीव्रता पर बल देते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की गई है और इन राष्ट्रीय उपलब्धियों से जनता को अवगत करवाया जाना चाहिए। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईरान के विरूद्ध शत्रुओं के दबावों में वृद्धि की ओर संकेत करते हुए प्रतिबंधो का उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था को पंगु बनाना बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का वास्तविक कारक परमाणु ऊर्जा का विषय नहीं है क्योंकि प्रतिबंधों की प्रक्रिया ३२ वर्षों पूर्व उस समय आरंभ हुई जब ईरान में परमाणु विषय की बात ही नहीं थी। वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ईरानी राष्ट्र और अधिकारियों से प्रतिबंधों का होशियारी के साथ मुक़ाबला करने पर बल देते हुए कहा कि यदि प्रतिबंध शत्रु के लिए प्रभावी और उपयोगी होते तो यह इस्लामी क्रांति के आरम्भिक वर्षों में ही वर्चस्ववादियों के लक्ष्यों को व्यवहारिक बना देते। अपने संबोधन के दूसरे भाग में वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रगति का उल्लेख कमज़ोर बिंदुओं और कमियों को अनदेखा करने के अर्थ में नहीं है किंतु नकारात्मक बिंदुओं का उल्लेख आशावादी ढंग से किया जाना चाहिए ताकि इस्लामी ईरान की वास्तविकताओं को नकारात्मक ढंग प्रस्तुत न किया जा सके। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में शत्रुओं के मनोवैज्ञानिक युद्ध का एक हथकण्डा, जनता विशेषकर ईरान की सक्रिय युवा पीढ़ी को निराश करना है इस आधार पर सदैव ही ईरान की महान प्रगति और क्षमताओं को जनता के लिए प्रतिबिंबित करना चाहिए। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने पिछले वर्षों के दौरान किये जाने वाले प्रभावी कार्यों विशेषकर चौथे विकास कार्यक्रम की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के आठ प्रतिशत विकास, बेरोज़गारी में कमी, मंहगाई में कमी और पूंजी निवेश में वृद्धि जैसे कुछ उद्देश्य प्राप्त नहीं हो सके हैं अतः पांचवीं विकास योजना को लागू करने के लिए दोगुनी मेहनत की जानी चाहिए ताकि इन कमियों को पूरा किया जा सके। वरिष्ठ नेता ने निर्यात के संबन्ध में हालिया वर्षों के दौरान ग़ैर पैट्रोलियम पदार्थों के निर्यात में बड़ी अच्छी प्रगति की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस बात की प्रतीक्षा की जाती है कि ग़ैर पैट्रोलियम पदार्थों का निर्यात इस प्रकार से आगे बढ़े कि निर्यात, आयात से आगे निकल जाए।समाचार समाप्त..........166