10 अगस्त 2011 - 19:30

हिज़्बुल्लाह आंदोलन के उपमहासचिव शैख नईम क़ासिम ने कहा है कि हिज़्बुल्लाह लेबनान के समस्त स्रोतों की रक्षा को अपना दायित्व समझता है

लेबनान के तेल स्रोतों पर क़ब़्ज़ा करने हेतु इस्राईल की गतिविधियां जारी हैं और इस्राईल की विस्तारवादी कार्यवाहियों की प्रतिक्रिया में हिज़्बुल्लाह आंदोलन के उपमहासचिव शैख नईम क़ासिम ने कहा है कि हिज़्बुल्लाह लेबनान के समस्त स्रोतों की रक्षा को अपना दायित्व समझता है और इस्राईल के हर प्रकार के अतिक्रमण का मुक़ाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। शैख नईम क़ासिम ने कहा कि अनुभव ने सिद्ध कर दिया है कि इस्राईल, जो राष्ट्रसंघ और अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों को कोई महत्व नहीं देता, केवल शक्ति की भाषा समझता है इसलिए उसके मुक़ाबले में डट जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि लेबनान के तेल व गैस के स्रोतों तक इस्राईल की पहुंच के मार्ग में बाधा खड़ी की जानी चाहिये। शैख नईम क़ासिम का यह बयान ऐसी स्थिति में आ रहा है जब लेबनान के संसद सभापति नबी बेर्री ने भी बल देकर कहा है कि हमें यह दिखा देना चाहिये कि समुद्र के मार्ग से भी लेबनान तक नहीं पहुंचा जा सकता जैसाकि हमने पहले सिद्ध कर दिया है कि ज़मीन और आसमान के मार्ग से भी लेबनान पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता। लेबनान के तेल व गैस स्रोतों पर नियंत्रण करने हेतु इस्राईल की कुटिल चाल ऐसी स्थिति में जारी है जब इस संबंध में कई रिपोर्टें प्रकाशित हो चुकी हैं। लेबनान के समुद्री तट पर कई अरब घन मीटर गैस का स्रोत मिला है जिससे कई वर्षों तक अवैध ज़ायोनी शासन की आवश्यकताओं की आपूर्ति हो सकती है। इस आधार पर ज़ायोनी शासन राष्ट्रसंघ के माध्यम से अपने अधिकृत क्षेत्रों में विस्तार की चेष्टा में है ताकि लेबनान में वह अपने अवैध हितों को वैधता का वस्त्र पहना सके। प्रत्येक दशा में इस्राईल की विस्तारवादी कार्यवाहियों के मुक़ाबले में लेबनानी अधिकारियों की प्रतिक्रिया इस बात की सूचक है कि वे इस्राईल की कुटिल चालों से पूरी तरह अवगत हैं और इसीलिए वे इस्राईल के षडयंत्रों को विफल बनाने पर बल दे रहे हैं और इस्राईल को जान लेना चाहिये कि लेबनानी राष्ट्र में उसके षडयंत्रों को विफल बनाने की पूरी क्षमता मौजूद है जैसाकि इससे पहले भी लेबनानी राष्ट्र ज़ायोनी शासन को पराजय का कटु स्वाद चखा चुका है।समाचार समाप्त.......166