राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने ब्रितानी पुलिस के प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक व्यवहार की घोर निंदा की है। इरना की रिपोर्ट के अनुसार श्री अहमदी नेजाद ने आज पत्रकारों से बात करते हुए प्रदर्शनकारियों को विपक्ष की संज्ञा दी और ब्रितानी पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों की हत्या की निंदा की। उन्होंने कहा कि लोग ही वास्तविक विपक्ष हैं जिन्हें लंदन की सड़कों पर पीट पीट कर मारा जा रहा है और उनकी आवाज़ कोई नहीं सुन रहा है। डाक्टर अहमदी नेजाद ने कहा कि आज विश्व को जिन मुख्य समस्याओं का सामना है उनमें भेदभाव, युद्ध और समाजों में प्रबंध की शैली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समस्याओं की जड़ पथभ्रष्ट प्रबंधन में निहित है। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि विश्व हालिया शताब्दियों में सबसे बुरे प्रबंधन का साक्षी है, कहा कि वर्तमान युग दासता के युग से अधिक बुरा है। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछली शताब्दी में युद्धों में दस करोड़ से अधिक लोग मारे गए जबकि ग़लत नीतियों ने आय की बड़ी गहरी खाई को जन्म दिया और दसियों लाख व्यक्ति असीम निर्धनता से पीड़ित तथा मौत उनकी ओर मुंह खोले खड़ी है। ज्ञात रहे लंदन के उत्तरी उपनगरीय क्षेत्र टॉटेनहेम में 6 अगस्त को सैकड़ों की संख्या में लोगों के पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन के बाद से स्थिति अशांत हो गयी है। ये लोग पुलिस के हाथों मार्क डुगेन नामक एक श्याम वर्ण के व्यक्ति की फ़ायरिंग में हत्या पर क्रोधित थे। ब्रिटेन में हिंसक प्रदर्शन बर्मिंघम, लीवरपूल और ब्रिस्टल तक पहुंच गए हैं और यह 1980 में ब्रिटेन में दंगों के बाद से अब तक का सबसे अधिक हिंसक प्रदर्शन है। लीड्स, मैनचेस्टस्टर, नॉटिन्घम, रीडिंग और ऑक्सफ़र्ड में भी विरोध प्रदर्शन फैलने की रिपोर्ट हैं। विरोध प्रदर्शनों के पूरे ब्रिटेन में फैलने की आशंका है क्योंकि केन्द्रीय नगर बर्मिन्घम, पश्चिमी नगर ब्रिस्टल और पश्चिमोत्तरी नगर लीवरपूल और दक्षिणी लंदन के ब्रिक्सटन में उत्पात व लूटपाट जारी है। ब्रिटेन में चार दिनों से जारी अशांति के बीच अब तक सैकड़ों व्यक्तियों को गिरफ़तार किया जा चुका है।समाचार समाप्त......166
10 अगस्त 2011 - 19:30
समाचार कोड: 258872
राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने ब्रितानी पुलिस के प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक व्यवहार की घोर निंदा की है.....