ईरान के रेड क्रिसेन्ट ने घोषणा की है कि सोमालिया में सूखे और अकाल से पीड़ित व्यक्तियों की सहायता जारी रहेगी। ईरान के रेड क्रिसेन्ट के महासचिव ज़ाहिर रुस्तमी ने कहा कि अब तक ७० टन आवश्यक वस्तुएं सोमालिया भेजी जा चुकी हैं और १७० टन दूसरी वस्तुएं सोमालिया भेजने के लिए तैयार हैं। ईरान के रेड क्रिसेन्ट ने अपनी मानवता प्रेमी सहायताओं की पहली खेप तीन महीने पहले सोमालिया भेजा था। तेहरान में सोमालिया के प्रभारी राजदूत ख़लीफ़ कदिया मूसा ने कहा कि सोमालिया में लगभग ५० लाख लोगों को भूख के ख़तरे का सामना है जिनमें बच्चों का ख़ाना और दवा अतिआवश्यक है। सोमालिया की संकटग्रस्त व दयनीय स्थिति के दृष्टिगत ईरान की रेड क्रिसेन्ट की सहायता के अतिरिक्त इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई, दूसरे वरिष्ठ धर्मगुरूओं, ईरानी सरकार और जनता ने सोमालिया के लोगों की नक्दी सहायता की है। सोमालिया में मानव त्रासदी के कारण ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने व्यक्तिगत रूप से २० हज़ार डालर की सहायता की है जबकि ईरानी सरकार ढ़ाई करोड़ डालर से अधिक की सहायता कर चुकी है। ईरान के पवित्र नगर क़ुम में वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह साफ़ी गुलपायेगानी ने एक संदेश में मुसलमानों से मांग की है कि वे रमज़ान के पवित्र महीने में अपने मुसलमान भाइयों की सहायता करें। ईरानी राष्ट्र, जो दूसरों की सहायता करने में सदैव आगे- आगे रहता है, इस बार भी अकाल और सूखे के संकट का सामना कर रहे सोमालिया के लोगों की अपनी सहायता को ईरान के रेड क्रिसेन्ट को दे रहा है ताकि यह मानवप्रेमी संस्था ईरानी जनता की सहायता को सोमालिया भेजे। संवेदनशील स्थिति में विश्व के विभिन्न देशों की जनता की सहायता करना ईरान का एक मानवीय एवं धार्मिक दायित्व है जिस पर ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने बल दिया है। इस आधार पर दूसरों की सहायता करने में इस्लामी गणतंत्र ईरान आज एक आदर्श देश में परिवर्तित हो गया है। (एरिब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ)समाचार समाप्त.......166