6 अगस्त 2011 - 19:30

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सय्यद अली ख़ामेनई ने मध्यपूर्व और उत्तरी अफ़्रीक़ा में इस्लामी जागरुकता की लहर की प्रशंसा करते हुए

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सय्यद अली ख़ामेनई ने मध्यपूर्व और उत्तरी अफ़्रीक़ा में इस्लामी जागरुकता की लहर की प्रशंसा करते हुए इसे इस्लामी क्रान्ति के बाद की सबसे बड़ी घटना की संज्ञा दी। उन्होंने कल देश की कार्यपालिका, विधिपालिका और न्यायपालिका के अधिकारियों सहित अनेक सांसदों और सैन्य कमांडरों सहित और भी बहुत से अधिकारियों से भेंट में क्षेत्र व विश्व की अभूतपूर्व स्थिति की ओर संकेत करते हुए ईरान की विशेष स्थिति का उल्लेख किया। वरिष्ठ नेता ने बल देकर कहा कि देश की स्थिति की समीक्षा में सकारात्मक व नकारात्मक दोनों बिन्दुओं को दृष्टिगत रखना चाहिए और केवल सकारात्मक या केवल नकारात्मक आयाम से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ने यह सिद्ध कर दिया कि वह देश के शत्रुओं के सभी षड्यंत्रों को विफल बना सकता है। वरिष्ठ नेता ने इस्लामी गणतंत्र में जनता के विश्वास को देश की शक्ति का एक और बिन्दु बताते हुए कहा कि विश्व में ऐसे बहुत कम देश हैं जिसकी जनता सरकार पर इतना अधिक विश्वास रखती है। उन्होंने प्रतिबंधों के बावजूद ईरान की अनवरत प्रगति को इस देश की शक्ति का एक और बिन्दु बताया और कहा कि देश की प्रगति ने पश्चिम की ओर से दबाव को निष्क्रिय कर दिया है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि आज इस्लामी गणतंत्र ईरान को अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में एक सम्मानीय, प्रभावशाली और विश्वस्नीय देश के रूप में देखा जा रहा है।  समाचार समाप्त...166