4 अगस्त 2011 - 19:30

यूरोप के कई देशों के बाद अब इटली में बुर्के पर बैन लग जाएगा। इटली की संसदीय समिति ने उस ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है जिसमें कहा गया है कि महिलाएं सार्वजनिक जगह पर चेहरा ढकने वाला कपड़ा नहीं पहन सकती हैं.......

यूरोप के कई देशों के बाद अब इटली में बुर्के पर बैन लग जाएगा। इटली की संसदीय समिति ने उस ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है जिसमें कहा गया है कि महिलाएं सार्वजनिक जगह पर चेहरा ढकने वाला कपड़ा नहीं पहन सकती हैं।

इस बिल को प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के गठबंधन की सहमति मिल चुकी है लेकिन विपक्षी पार्टियों ने इसके खिलाफ वोट डाला है। गर्मी की छुट्टियों के बाद यह बिल संसद में पेश किया जाएगा। अगर यह बिल पारित हो जाता है तो सार्वजनिक जगह पर बुर्का, नकाब या चेहरा ढकने वाला कोई कपड़ा पहनने पर 150-300 यूरो का जुर्माना लगेगा।

अगर कोई व्यक्ति किसी महिला को बुर्का पहनने के लिए मजबूर करेगा तो उसे तीन हजार यूरो जुर्माने के साथ 12 महीने की जेल हो सकती है। यूरोप में बेल्जियम और फ्रांस ने पहले से ही बुर्का पहनने पर बैन लगाया हुआ है।

बिल को पेश करने वाले बर्लुस्कोनी की पार्टी के मेंबर ने कहा, ‘5 साल पहले इटली में कोई बुर्का नहीं पहनता है, लेकिन आज यह हर तरफ दिखता है। हम महिलाओं को इस अलगाव से बाहर आने में मदद करना चाहते हैं। मैं उन लोगों के लिए बोलना चाहता हूं जो खुद अपनी आवाज नहीं उठा सकते। ’

इस्लामिक ग्रुप के प्रवक्ता ने बुर्के को बैन करने को अन्यायपूर्ण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन बताया।

फ्रांस में भी लग चुका है प्रतिबंध

फ्रांस में पिछले महीने से सार्वजनिक स्थलों पर बुर्का या नकाब पहनने पर पाबंदी लगा दी गई थी। नए कानून के मुताबिक मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनने पर उन्हें जुर्माने का भुगतान करना पड़ेगा। समाचार वेबसाइट 'बीबीसी डॉट को डॉट यूके' के अनुसार बुर्का पर पाबंदी वाले कानून को तोड़ने पर 150 यूरो (217 डॉलर) का जुर्माना देना पड़ेगा। अगर किसी शख्स ने महिलाओं को बुर्का पहनने पर मजबूर किया तो उस पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा और दो वर्ष के कारावास की सजा हो सकती है। कानून के तहत चाहे वह विदेशी या फ्रांसीसी महिला हो, बुर्का पहनकर सड़कों या पार्को में टहलने के दौरान पुलिस रास्ते में ही उसे रोक लेगी और जुर्माना लगाएगी। फ्रांस यूरोप में सार्वजनिक स्थलों पर मुस्लिम महिलाओं को बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश है। कहा जा रहा है कि जुर्माना की रकम भले ही कम होगी लेकिन यह प्रतीकात्मक बदलाव होगा। कानून को लेकर जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि पुलिस सड़क पर ही महिला के चेहरे पर से बुर्का हटाने को नहीं कह सकती है बल्कि उसे पुलिस थाने लाने के बाद पहचान के लिए चेहरे पर से पर्दा हटाने को कहा जा सकता है। फ्रांस सरकार का कहना है कि चेहरे को ढकने वाला नकाब या बुर्का उन मानकों के खिलाफ है जो समाज में रहने के लिए साझा तौर पर ठीक है। सरकार के मुताबिक नए नियम से यहां लोग सहमत हैं जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हैं।
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