3 अगस्त 2011 - 19:30

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने क़ुरआन को मानवता की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाला तथा लोक परलोक में लोगों को कल्याण का मार्ग दिखाने वाला बताया.....

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने क़ुरआन को मानवता की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाला तथा लोक परलोक में लोगों को कल्याण का मार्ग दिखाने वाला बताया। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने मंगलवार की शाम क़ुरआन के क़ारियों और हाफ़िज़ों से बातचीत में कहा कि मुस्लिम समुदाय के पिछड़ेपन और कठिनाइयों को क़ुरआन की शिक्षाओं का पालन करके ही दूर किया जा सकता है। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी जगत में भ्रष्ट लोगों की सत्ता के कारण मुसलमानों के आर्थिक संसाधन तबाह हुए और उनकी सांस्कृतिक पहचान समाप्त होकर रह गई। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि क़ुरआन राष्ट्रों के भौतिक और आध्यात्मिक उत्थान का स्रोत है और इस एतिहासिक तथ्य का स्पष्ट उदाहरण ईरानी राष्ट्र है। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने ईरानी जनता की क्षमताओं को बहुत बड़ा ख़ज़ाना बताया और कहा कि भ्रष्ट शासनों ने इन क्षमताओं को निखारने का अवसर नहीं दिया। .........166