भारत से अहलेबैत समाचार (अबना) संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में वक़्फ़ सम्पत्तियों पर हो रहे अवैध क़ब्ज़ों के ख़िलाफ़ एक बार फिर मोर्चा खोलते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने केन्द्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार की जमकर आलोचना की। प्रेस क्लब में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुज़फ्फ़रनगर खतौली में हज़ारों बीघा वक़्फ़ सम्पत्ति अवैध रूप से बेच डाली। मौलाना ने प्रदेश सरकार के एक मंत्री पर भी वक़्फ़ सम्पत्ति की ख़रीद-बिक्री करने का आरोप लगाया। मौलाना ने कहा कि  मुज़फ्फ़रनगर के खतौली में स्थित वक़्फ़ नजमुल निसां और वक़्फ़ अलमदार हुसैन राजस्व अभिलेख वर्ष 1916 एवं 1962 में पंजीक्रत हैं लेकिन कांग्रेस सरकार ने वर्ष 1949 में वक़्फ़ सम्पत्ति को अवैध रूप से बेच डाला और पैसे को सरकारी ख़ज़ाने में जमा कराया। उन्होने मांग की कि उक्त धनराशि को वक़्फ़ सम्पत्ति की देखरेख करने वालों के पछ में जारी किया जाए। उन्होने कहा कि गत वर्ष प्रदेश सरकार के एक मंत्री के रिश्तेदार ने वक़्फ़ सम्पत्ति ख़रीदी है, जबकि वक़्फ़ सम्पत्ति को ख़रीदा या बेचा नहीं जा सकता। मौलाना ने कहा कि सरकार वक़्फ़ सम्पत्तियों की रक्षा करने में दिलचस्पी नहीं ले रही है। उन्होने कहा कि ढेरों वक़्फ़ सम्पत्तियों में सरकारी कार्यालयों का संचालन किया जा रहा है, जिसका एक भी पैसा वक़्फ़ बोर्ड में जमा नहीं किया जा रहा है उन्होने उदाहरण देते हुए कहा कि जवाहर भवन और इन्द्राभवन वक़्फ़ सम्पत्तियां हैं। वहीं वार्ता में मौजूद उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य मौलाना अन्सार हुसैन ने कहा कि सारी सरकारों ने वक़्फ़ सम्पत्तियों के साथ दोहरा रवैया अपनाया, शिया समुदाय इसे नज़रअन्दाज़ नहीं करेगा। मौलाना ने मुज़फ़्फ़रनगर में वक़्फ़ सम्पत्तियों के लिए मुआवज़े की मांग करते हुए कहा कि इसके लिए हम सड़कों पर उतरने से भी नहीं हटेंगे। ........166