राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने पहचान को राष्ट्रों के लिए सब से अधिक महत्वपूर्ण वस्तु बताया कहा कि बिना पहचान के किसी भी राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है। राष्ट्रपति ने यह बात आज तबरेज़ के बाज़ारे बुज़ुर्ग मंडी के अंतरराष्ट्रीय पंजीकरण समारोह में कही। उन्होंने एतिहासिक अतीत को किसी भी राष्ट्र की मुख्य पहचान बताया और कहा कि एतिहासिक अतीत की पहचान का अर्थ, वह वर्तमान क्षमताएं और लक्ष्य हैं जिसे एक राष्ट्र प्राप्त करने का प्रयास करता है। राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद ने पूरे इतिहास में तबरेज़ बाज़ार को ईरानी राष्ट्र के वैभव, विशेषता और संस्कृति का प्रतीक बताया और कहा कि तबरेज़ का बाज़ार वह इमारत है जिसकी आधारशिला ईमान व पवित्रता पर रखी गयी है और लोगों के एकत्रित होने और गतिविधियों का महत्त्वपूर्ण केन्द्र है। ज्ञात रहे कि तबरेज़ का ऐतिहासिक बाज़ार एक किलोमीटर की लंबाई और एक दूसरे से जुड़ी दुकानों के साथ विश्व का सब से बड़ा छतदार बाज़ार है और इसे युनिस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में इसे पंजीकृत किया गया है। ......166
31 जुलाई 2011 - 19:30
समाचार कोड: 256896
राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने पहचान को राष्ट्रों के लिए सब से अधिक महत्वपूर्ण वस्तु बताया कहा कि बिना पहचान के किसी भी राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है.....