शिया धर्म गुरू डा. कल्बे सादिक़ ने की विरोध सभा की अध्यक्षता आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की एक विरोध सभा मुमताज़ डिग्री कालेज, लखनऊ में सम्पन्न हुयी। सभा में शिक्षा का अधिकार तथा वक़्फ़ संशोधन बिल की भर्तसना को गई और आम जनता को इन बिलों के सम्बन्ध में पूरी जानकारी दी गई। सभा में घोषणा को गई कि अगर केन्द्र सरकार संसद के मानसून सत्र में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम से मदरसों तथा अन्य अल्पसंख्यक संस्थाओ को अलग नही करती तो रमज़ान के बाद देशव्यापी स्तर पर जनमत तैयार कर ज़रूरी अभियान चलाया जाएगा। सभा में बताया गया कि अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 की धाराओं के विश्लेषण के बाद यह पता चला है कि इस क़ानून से मदरसों व अन्य अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों पर हानिकारक प्रभाव पड़ेगा और इससे मदरसों व कक्षा 1 से 8 तक अल्पसंख्यक संस्थाएं अपनी पसंद की धार्मिक शिक्षा और अपनी मात्र भाषा उर्दू में शिक्षा देने से वंचित हो जाएंगे। इस क़ानून के अनुसार वर्तमान मकतब और स्कूल अगर 3 सालों में नये क़ानून का पालन नही करते और नियमित मंज़ूरी हासिल नहीं करते तो उन्हे बन्द करना पड़ेगा। विरोध सभा में आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी, शिया धर्म गुरू डा. कल्बे सादिक़, मौलाना अतीक़ अहमद, मौलाना मोहम्मद हमज़ा तथा सूफ़िया नसीम आदि ने हिस्सा लिया। .........166
24 जुलाई 2011 - 19:30
समाचार कोड: 255672
आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की एक विरोध सभा मुमताज़ डिग्री कालेज, लखनऊ में सम्पन्न हुयी।