वरिष्ठ नेता ने आज देश के बड़े व सार्वजनिक पुस्तकालयों के अधिकारियों से भेंट में किताब पढ़ने के महत्व के बारे में कहा कि सामूहिक संपर्क के माध्यमों में हालिया प्रगति के बावजूद किताब कभी भी अलग-थलग नहीं पड़ेगी। आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने कहा कि संपर्क व संस्कृति का कोई भी विकसित उपकरण इसका स्थान नहीं ले सकता। वरिष्ठ नेता ने देश के सामूहिक व प्रचारिक संपर्क तंत्र द्वारा किताब और किताब पढ़ने के प्रचार को आवश्यक बताया और बल देकर कहा कि किताब पढ़ना जनता, विशेष रूप से युवाओं की दिनचर्या होनी चाहिए।.....166
21 जुलाई 2011 - 19:30
समाचार कोड: 254951
वरिष्ठ नेता ने आज देश के बड़े व सार्वजनिक पुस्तकालयों के अधिकारियों से भेंट में किताब पढ़ने के महत्व के बारे में कहा...