बहरैन के एक वरिष्ठ धर्मगुरू ने कहा है कि आले ख़लीफ़ा शासन के साथ वार्ता अन्यायपूर्ण है। शेख ईसा क़ासिम ने आले ख़लीफ़ा की तानाशाही सरकार से वार्ता को अर्थहीन बताया और कहा कि वार्ता से पहले ही धांधली, भ्रष्टाचार और अन्याय आरंभ हो गया है। बहरैन के इस वरिष्ठ धर्मगुरू ने कहा कि देश में सुधार के लिए शासकों की ओर से वास्तविक राजनीतिक इरादे की आवश्यकता है। बहरैन के तानाशाह ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रजातंत्र की मांग करने वाले लोगों को शांत करने के लिए वार्ता आरंभ कर रखी है। बहरैन के क्रांतिकारी लोगों ने वार्ता के साथ लोगों के दमन की ओर संकेत करते हुए बल देकर कहा है कि यह वार्ता परिणामहीन है। ज्ञात रहे कि बहरैन की जनता चार महीने से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके इस देश में तानाशाही सरकार के स्थान पर लोकतांत्रिक सरकार के गठन की मांग कर रही है परंतु आले ख़लीफा सरकार लोगों की क़ानूनी मांगों पर ध्यान देने के बजाये अतिग्रहणकारी सऊदी सैनिकों की सहायता से उनका दमन कर रही है।
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