5 जुलाई 2011 - 19:30

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ज़ायोनी शासन क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है।रामीन मेहमान परस्त ने एक साक्षात्कार में कहा है कि क्षेत्रीय देशों को इस्राईल की ओर से सचेत रहना चाहिए।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ज़ायोनी शासन क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है।
रामीन मेहमान परस्त ने एक साक्षात्कार में कहा है कि क्षेत्रीय देशों को इस्राईल की ओर से सचेत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लामी देशों के बीच फूट से ज़ायोनी शासन के हित पूरे होते हैं। उन्होंने ईरान व मिस्र के संबंधों के भविष्य के बारे में कहा कि इससे पहले अमरीका के पिट्ठू मिस्री अधिकारी ज़ायोनी शासन के हित में काम करते थे किंतु अब यह देश उस मार्ग पर चल रहा है जिसमें देश की जनता, मिस्र के संचालन में भाग लेगी और वह इस्राईल व उसके समर्थकों के हितों को नहीं बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों को दृष्टिगत रखेगी। रामीन मेहमान परस्त ने कहा कि मिस्र में बड़ी तीव्रता से निर्णायक परिवर्तन आ रहे हैं और इस बात की अनुमति दी जानी चाहिए कि यह देश स्वाभाविक रूप से परिवर्तनों के चरणों से गुज़रे, यहां चुनाव हों और जनता की सरकार सत्ता में आए जो अपनी नीतियों का स्वयं निर्धारण करे तथा उन्हें क्रियान्वित करे।