3 जुलाई 2011 - 19:30

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने क्षेत्र में जारी परिवर्तनों को इतिहास में एक नए अध्याय की शुरूआत घोषित किया है।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने क्षेत्र में जारी परिवर्तनों को इतिहास में एक नए अध्याय की शुरूआत घोषित किया है। रविवार को तेहरान में इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल, सिपाहे पासदाराने इंक़ेलाब के कमांडरों और अधिकारियों से भेंट में जो पैग़म्बरे इस्लाम के नाती हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के शुभ जन्मदिवस के अवसर पर हुई, इस शुभ दिन की बधाई दी और कहा कि धर्म की सही रक्षा अपने समस्त आयामों के साथ हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के दस वर्षीय ईश्वरीय मार्गदर्शन काल में उनकी कार्यशैली प्रतिबिंबित है अतः धर्म रक्षा के यही सिद्धांत हैं। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने अपने भाषण में क्षेत्र के देशों में जारी परिवर्तनों को क्षेत्र तथा विश्व के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत ठहराया और कहा कि क्षेत्र में जनता एकेश्वरवादी एवं धार्मिक झुकाव के साथ मैदान में आई है और क्षेत्र तथा संसार के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने क्षेत्र की जनता के बीच इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था को आदर्श का दर्जा प्राप्त होने से अमरीका तथा ज़ायोनी शासन पर छाए भय का हवाला देते हुए कहा कि अमरीका तथा ज़ायोनी शासन अपने संचार माध्यमों और दुष्प्रचारों से इस तथ्य तथा जनता के इस्लामी झुकाव का चाहे जितना इंकार करें किंतु वे सच्चाई को बदल नहीं सकते। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि क्षेत्र में जो आंदोलन आरंभ हुआ है उसकी लहर क्षेत्र के बाहर के देशों तक पहुंचेगी और वहां भी इसी प्रकार के परिवर्तन होंगे।