ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता हज़रत इमाम ख़ामनई ने कहा कि क्षेत्र में होने वाले आंदोलन एंटी अमरीका व इस्राइल हैं और मुस्लिम राष्ट्र इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि अमरीकी व ज़ायोनी, फूट डाल कर क्षेत्र में आने वाली इस्लामी चेतना की लहर को दिगभ्रमित कर दें या उससे अनुचित लाभ उठाएं।पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की पैग़म्बरी की घोषणा की वर्षगांठ के अवसर पर आज ईरानी अधिकारियों और जनता के विभिन्न वर्गों से होने वाली भेंट में आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि यदि मुस्लिम राष्ट्र ईश्वर के मार्ग में संघर्ष को सामरिक, राजनैतिक, आर्थिक व सांस्कृतिक क्षेत्रों में जारी रखें और स्वाभिमान तथा मानव प्रतिष्ठा को उचित महत्व दें तो वे निश्चित रूप से उस स्थान तक पहुंच सकते हैं जो उनके योग्य है। उन्होंने कहा कि उत्तरी अफ़्रीक़ा तथा मध्यपूर्व के कुछ देशों की घटनाओं से पता चलता है कि मुस्लिम राष्ट्र, इस्लाम की मोक्षदाता शिक्षाओं की ओर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिस्र, ट्युनिशिया व अन्य देशों में इस्लामी जागरूकता की जो महान लहर आई हुई है उससे पता चलता है कि वर्चस्ववादी पश्चिम और उसके पिट्ठू शासकों ने गत 150 वर्षों में क्षेत्रीय राष्ट्रों पर जो तुच्छता भरे और अत्याचारपूर्ण समीकरण थोप रखे थे, वे बिगड़ चुके हैं और क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय आरंभ हुआ है। वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अमरीका व ज़ायोनी शासन की जटिल चालों के मुक़ाबले में इस्लामी राष्ट्रों व इस्लामी जगत के मेधावियों के विवेक, चेतना व जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वर्चस्ववादियों की चालों से जागरूक राष्ट्रों के लिए कुछ कठिनाइयां अवश्य उत्पन्न होंगी किंतु इस्लामी समुदाय की चेतना के कारण क्षेत्र में जो स्पष्ट मार्ग सामने आया है वह ईश्वर की कृपा से जारी रहेगा।......166
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता हज़रत इमाम ख़ामनईः
क्षेत्र में होने वाले आंदोलन एंटी अमरीका व इस्राइल हैं
29 जून 2011 - 19:30
समाचार कोड: 250644
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता हज़रत इमाम ख़ामनई ने कहा कि क्षेत्र में होने वाले आंदोलन एंटी अमरीका व इस्राइल हैं और मुस्लिम राष्ट्र इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि अमरीकी व ज़ायोनी, फूट डाल कर क्षेत्र में आने वाली इस्लामी चेतना की लहर को दिगभ्रमित कर दें या उससे अनुचित लाभ उठाएं।