1 जून 2011 - 19:30

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई से मुलाकात की. इस अवसर पर सर्वोच्च धार्मिक नेता ने कहा कि जब तक अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक हैं अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित नहीं हो सकती है

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई से मुलाकात की. इस अवसर पर सर्वोच्च धार्मिक नेता ने कहा कि जब तक अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक हैं अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित नहीं हो सकती है. आपने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान में सर्वकालिक सैनिक अड्डे स्थापित करने के चक्कर में है जो एक खतरनाक बात है क्योंकि जब तक अमेरिकी सेनाएं अफगानिस्तान में रहेंगी अफगानिस्तान में शांति स्थापित नहीं हो सकती है. सर्वोच्च धार्मिक नेता ने कहा कि अफ़ग़ान राष्ट्र इतिहास, संस्कृति और धार्मिक अनुसार से अपने भाग्य का फैसला करने की योग्यता रखता है. आपने कहा कि जितनी जल्दी अफगानिस्तान से विदेशी कब्जा खत्म होगा उतना ही अफगान जनता और क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छा होगा. सर्वोच्च धार्मिक नेता हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि अफ़ग़ान राष्ट्र अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति के कारण समस्याओं से जूझ रहा है क्योंकि यह उपस्थिति उसके लिए और क्षेत्र के लिए एक बला है. आपने कहा कि अमेरिका की आंतरिक और वैश्विक स्थिति पिछले वर्षों की तुलना में बहुत बदल गयी है और उसमें कमजोरी आई है. आपने फ़रमाया कि अमेरिका आज क्षेत्रीय और विश्व स्तर पर बहुत कमजोर हो चुका है. सर्वोच्च धार्मिक नेता हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने अफगानिस्तान से सैनिक हटाने के सम्बन्ध में अमरीकी राष्ट्रपति के वादे की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान अधिकतर आंतरिक स्तर पर लाभ उठाने के लिए है लेकिन आंतरिक स्तर पर भी अमरीकी राष्ट्रपति के बयान का विरोध हुआ है