1 जून 2011 - 19:30

आतंकवाद से मुक़ाबले के लिए आज से तेहरान में हो रहे दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता हजरत आयतुल्लाह खामनई के संदेश द्वारा आरम्भ हुआ......

आतंकवाद से मुक़ाबले के लिए आज से तेहरान में हो रहे दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता हजरत आयतुल्लाह खामनई के संदेश द्वारा आरम्भ हुआ जिसमे उन्होंने कहा है कि पूरी तरह से आतंकवाद के अंत ना हो जाने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने ने कहा कि आतंकवाद के विरूद्ध संघर्ष, हमारा कर्तव्य है. दुनिया में सबसे अधिक ईरानी राष्ट्र ने आतंकवाद से नुकसान उठाया है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि वर्चस्ववादी शक्तियां, अपने अवैध लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आतंकवाद को एक साधन के रूप में प्रयोग करती हैं।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने तेहरान में आतंकवाद से संघर्ष की अंतर्राष्ट्रीय कान्फ़्रेंस के नाम अपने संदेश में कहा है कि आतंकवाद के संबंध में एक महत्वपूर्ण एवं चौंकाने वाला बिंदु यह है कि बड़ी शक्तियों ने अपने अवैध लक्ष्यों व हितों की प्राप्ति के लिए आतंवाद को एक साधन व उपकरण के रूप में प्रयोग करना आरंभ किया है। इस कान्फ़्रेंस में साठ से अधिक देशों और संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय मामलों में वरिष्ठ नेता के सलाहकार डाक्टर अली अकबर विलायती ने इस कान्फ़्रेंस में उनका संदेश पढ़ कर सुनाया। वरिष्ठ नेता ने अपने संदेश में कहा है कि क्षेत्रीय देशों के मन से यह वास्तविकता कभी नहीं निकल सकती कि साम्राज्यवादी देशों ने अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनी संघ और इसी जैसे दस से अधिक संगठन बनाए ताकि फ़िलिस्तीन का अतिग्रहण किया जा सके। वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ज़ायोनी शासन ने फ़िलिस्तीन के अंदर और बाहर खुल कर आतंकवादी कार्यवाहियां जारी रखी हैं और बड़ी निर्लज्जता के साथ इसे स्वीकार भी किया है।