दोहा। भारत ओलंपिक फुटबाल क्वालीफायर में रविवार को जब कतर का सामना करेगा, तो वह पिछले साल एशियाई खेलों में इसी टीम के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगा। ग्वांग्झू एशियाई खेलों में भारतीय टीम 80 मिनट तक 1-0 से आगे चल रही थी, लेकिन अंतिम दस मिनट में दो गोल खाकर टीम ने मैच 1-2 से गंवा दिया था।
इंग्लैंड के डेसमंड बुल्पिन के मार्गदर्शन में भारत की अंडर-23 टीम अच्छी तैयारी नहीं कर पाई है। पुणे में टीम का शिविर बारिश से प्रभावित रहा और टीम ने कोई अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच भी नहीं खेला। भारत की ओर से अधिकतर उन्हीं खिलाड़ियों के मैदान में उतरने की संभावना है, जो एशियाई खेलों में उतरे थे। बुल्पिन ने स्वीकार किया कि कतर की टीम अपने घरेलू मैदान अल साद स्टेडियम में खेलने के कारण प्रबल दावेदार है। उन्होंने साथ ही कहा कि ऐसा नहीं है कि उसे हराया नहीं जा सकता। बुल्पिन ने कहा कि ड्रा या काफी कम अंतर से हार भी अच्छा नतीजा होगा, क्योंकि वे पुणे में 23 जून को दूसरे चरण में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
हालांकि भारत की राह मुश्किल हो गई है, क्योंकि कप्तान और अहम डिफेंडर राजू गायकवाड़ का खेलना संदिग्ध लग रहा है। पुणे में शिविर के दौरान उनका टखना मुड़ गया था। भारत का दारोमदार काफी हद तक स्टार जेजे लालपेखलुआ, मिडफील्डर शेख ज्वेल राजा और शिल्टन डिसिल्वा पर होगा। लालपेखलुआ ने आई लीग में भारतीय खिलाड़ियों में सर्वाधिक 13 गोल किए थे। दूसरी तरफ कतर ने स्पेन में एक महीने से भी अधिक समय के तैयारी शिविर में हिस्सा लिया। टीम ने रियल मैड्रिड 'बी' टीम से 1-1 से ड्रा खेला जबकि गेटाफे को 1-0 से हराया। कतर की टीम ने इसके अलावा मैत्री मैच में 13 जून को मलेशिया को 4-0 से हराया।