समाज कल्याण विभाग के लिपिक सैफ हैदर उर्फ सैफी [38] की हत्या कराने के आरोप में पुलिस ने शनिवार को बसपा नेता इंतिजार आब्दी उर्फ बॉबी को गिरफ्तार कर लिया। इस हत्याकांड में दो शूटरों समेत चार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। सैफी की हत्या दो मार्च को हुई थी।
समाज कल्याण विभाग के लिपिक सैफ हैदर उर्फ सैफी [38] वजीरगंज के चौधरी गड़हिया के हसन मंजिल में रहते थे। जगत नारायन रोड पर शिक्षा भवन के सामने दो मार्च की सुबह बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में 30 अप्रैल को साजिश रचने के आरोपी मशकगंज के रऊफ उर्फ मम्मू और चौक की चावल वाली गली निवासी शहजादे को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि जुआ व सट्टे की मुखबिरी को लेकर सैफी से आरोपियों का विवाद हुआ था, इसी को लेकर सैफी की हत्या करायी गई थी। दोनों से पूछताछ में सामने आया था कि कैंट निवासी किलर सलीम व उसके भाई शोहराब से सैफी की हत्या करायी गई थी। लखनऊ पुलिस शूटरों की तलाश में भटक रही थी तभी दिल्ली पुलिस ने सर्राफ की हत्या व लूट के मामले में दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया था। लखनऊ पुलिस ने दोनों भाइयों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो कई अहम सुराग मिले। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की पूछताछ में तैयार सीडी से सामने आया कि बसपा नेता इंतिजार आब्दी उर्फ बॉबी ने सैफी की हत्या का षडयंत्र रचा था।
हत्यारोपियों से बॉबी की संलिप्तता पुख्ता होने के बाद वजीरगंज पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में उन्हें शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इंतिजार आब्दी लाल बहादुर शास्त्री गन्ना संस्थान के अध्यक्ष थे और उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था। हालांकि गुरुवार को सरकार ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया था कि उनका राज्य मंत्री का दर्जा बहुत पहले ही समाप्त किया जा चुका है और अध्यक्ष पद का कार्यकाल भी खत्म हो चुका है।