अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के मानवाधिकार केंद्र के सदस्य अब्बास अल-इमरान ने कहा कि ऑले खलीफा शासन का ज़माना गुज़र चुका है और आंतरिक और बाहरी विरोधी बहरैनी जनता के खिलाफ ऑले खलीफा परिवार के अपराधों के विभिन्न पहलुओं के बारे में दस्तावेज एकत्रित कर रहे हैं.
उन्होंने कहा बहरैन से बाहर रहने वाले ऑले खलीफा विरोधी तीन दिशाओं में काम कर रहे हैं:
1. ऑल खलीफा सरकार के अपराधों का खुलासा और उनका पर्दा फाश करना
2. मानवाधिकार संगठनों को सरकार के अमानवीय अपराधों से सूचित करना
3. अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराधों के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय, मानवाधिकार के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय और इसी प्रकार ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों की अदालतों में ऑले खलीफा परिवार के खिलाफ याचिका दायर करना
अल-इमरान ने कहा आदरणीय मय्युल खन्सा ने ऑले खलीफा शासन के विरूद्ध जो याचिका दायर की है वह विदेशों में रहने वाले राजनीतिज्ञों और कानून्दानों के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है और इन प्रयासों का उद्देश्य ऑले खलीफा की मरती हुई सरकार की नाकाबंदी तंग से तंग करना है.
उन्होंने कहा इंडीपेन्डेन्ट दैनिक समाचारपत्र में छपने वाले लेख के आधार पर ब्रिटिश प्रेस रिपोर्टर रॉबर्ट फस्क के खिलाफ ऑले खलीफा सरकार की शिकायत वास्तव में इस रूढ़िवादी और इस मध्यकालीन सरकार की क़बीला परस्ताना मानसिकता का प्रतीक है.
17 जून 2011 - 19:30
समाचार कोड: 248014
अबना की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के मानवाधिकार केंद्र के सदस्य अब्बास अल-इमरान ने कहा कि ऑले खलीफा शासन का ज़माना गुज़र चुका है और आंतरिक और बाहरी विरोधी बहरैनी जनता के खिलाफ ऑले खलीफा परिवार के अपराधों के विभिन्न पहलुओं के बारे में दस्तावेज एकत्रित कर रहे हैं