14 जून 2011 - 19:30

ईरान ने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की कड़ी भर्त्सना की है। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त ने आज अपनी साप्ताहिक प्रेस कांफ्रेन्स में जिसमें देश- विदेश के पत्रकार मौजूद थे, सीरिया में होने वाले परिवर्तनों की ओर संकेत किया और कहा कि यह सीरिया का आंतरिक मामला है और वहां के लोग अपनी समस्याओं के समाधान हेतु पर्याप्त राजनीतिक सूझ- बूझ रखते हैं। उन्होंने बल देकर कहा कि अमेरिका को सीरिया सहित क्षेत्र के किसी भी देश में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।

ईरान ने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की कड़ी भर्त्सना की है। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त ने आज अपनी साप्ताहिक प्रेस कांफ्रेन्स में जिसमें देश- विदेश के पत्रकार मौजूद थे, सीरिया में होने वाले परिवर्तनों की ओर संकेत किया और कहा कि यह सीरिया का आंतरिक मामला है और वहां के लोग अपनी समस्याओं के समाधान हेतु पर्याप्त राजनीतिक सूझ- बूझ रखते हैं। उन्होंने बल देकर कहा कि अमेरिका को सीरिया सहित क्षेत्र के किसी भी देश में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। मेहमान परस्त ने कहा कि क्षेत्र के देशों में लोगों की जागरुकता से जो जनांदोलन हो रहे हैं उनसे ज़ायोनी शासन और उसके समर्थक विशेषकर अमेरिका के हित ख़तरे में पड़ गये हैं और वे ज़ायोनी शासन की विस्तारवादी कार्यवाहियों व नीतियों के समक्ष प्रतिरोध की पंक्ति को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त ने युरोप में विस्तृत होती जागरुकता के बारे में भी कहा कि जो आंदोलन क्षेत्र के देशों से आरंभ हुआ है वह कुछ यूरोपीय देशों के लिए भी आदर्श व उदाहरण हो सकता है। मेहमान परस्त ने कहा कि अपनी मांगों की पूर्ति के लिए लोगों की शांतिपूर्ण उपस्थिति एवं भागीदारी एक आदर्श है जो युरोपीय जनता के आंदोलनों को भी प्रभावित कर सकती है।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त ने परमाणु ऊर्जा की अंतर्राष्ट्रीय एजेन्सी के महानिदेशक युकिया अमानो की ओर से ईरान को भेजे गये और तेहरान की ओर से एजेन्सी के नाम भेजे गये पत्रों के बारे में कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के बारे में ईरान के दृष्टिकोणों की घोषणा की गई है और ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के बारे में अब तक जो रिपोर्टें प्रकाशित हो चुकी हैं उन सब में इन गतिविधियों के शांतिपूर्ण होने की पुष्टि की गयी है। मेहमान परस्त ने बल देकर कहा है कि एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में परमाणु ऊर्जा की अंतर्राष्ट्रीय एजेन्सी की प्रतिष्ठा व विश्वसनीयता की सुरक्षा की जानी चाहिये और इस बात की अनुमति न दी जाये कि एजेन्सी के सदस्य देशों के बारे में निराधार दावे किये जायें और एजेन्सी के स्थान व विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगे तथा यह निराधार दावे एजेन्सी और सदस्य देशों के मध्य सहकारिता के मार्ग में बाधा बनें।