कांग्रेस ने राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में शनिवार रात हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर चौतरफा प्रहारों से मनमोहन सरकार का बचाव करते हुये कहा कि पार्टी निहित स्वार्थी राजनीतिक दलों और साम्प्रदायिक तत्वों के गठजोड की चुनौती के खिलाफ देशव्यापी अभियान छेड़ेगी. पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आवास पर शीर्ष नेताओं की आपात बैठक पर बुलाई गई. इसमें योग गुरु बाबा रामदेव और उनके समर्थकों के जमावडे पर पुलिस कार्रवाई से उत्पन्न स्थिति से उबरने की रणनीति पर विचार किया गया तथा इस मुद्दे पर सुरक्षात्मक रवैये के बजाय आक्रामक रुख अपनाने का निश्चिय किया गया. बैठक में पार्टी पदाधिकारियों के अलावा चार केन्द्रीय मंत्रियों प्रणव मुखर्जी,एके एंटनी. पी चिदम्बरम और कपिल सिब्बल को भी बुलाया गया था. बैठक के बाद पार्टी महासचिव एवं मीडिया प्रमुख जनार्दन द्विवेदी ने संवाददाताओं को बताया कि राजधानी में पिछले कुछ दिन के घटनाक्रम के पीछे निहित स्वार्थी राजनीतिक शक्तियां तथा साम्प्रदायिक तत्व शामिल हैं जो माहौल बिगाडना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जिन दलों को देश के मतदाताओं ने ठुकरा दिया है वे जनता में भ्रम फैलाकर पिछले दरवाजे से सत्ता पर काबिज होना चाहते हैं. पार्टी का कहना है कि ये ताकतें पहले भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर काबिज होने के लिये इन संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करती रही हैं तथा लोकतांत्रिक प्रकिया के बजाय सत्ता में पहुंचने का आसान रास्ता चाहती हैं. श्री द्विवेदी ने कहा कि पार्टी ने देश का ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली इन ताकतों की चुनौती को स्वीकार करने का निर्णय लिया है. देशभर में पार्टी की इकाइयां हर स्तर पर एकजुट होकर इन ताकतों की असलियत और उनके वास्तविक उद्देश्यों को जनता के सामने लाने के लिये जनजागरण अभियान चलाएंगी. इसके तहत जनता को केन्द्र सरकार और कांग्रेस की राज्य सरकारों की उपलब्धियों तथा पार्टी की नीतियों और विचारों से भी अवगत कराया जायेगा. इस संबध में पार्टी इकाइयों को शीघ्र निर्देश भेजे जा रहे हैं. ऐसे समय जबकि विभिन्न राजनीतिक दल, कुछ मुख्यमंत्री और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर पुलिस कार्रवाई का दोष मढ रहे हैं कांग्रेस हाईकमान ने रामदेव के आन्दोलन से निपटने के फैसले का बचाव किया है. पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बैठक में महसूस किया गया कि बाबा रामदेव और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को सरकार ने ज्यादा ही महत्व दे दिया जो सरकार के लिये सिरदर्द साबित हुआ. भाजपा पर अप्रत्यक्ष हमला बोलते हुए द्विवेदी ने कहा कि देश में कुछ राजनीतिक एवं सांप्रदायिक शक्तियां हैं जो अपने आप को बढाने के लिए जनता के बीच अफवाह फैलाने का प्रयास करती हैं. सोनिया गांधी की पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ हुई इस बैठक में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के अलावा गृह मंत्री पी चिदम्बरम और रक्षा मंत्री एक एंटनी ने भी हिस्सा लिया. बैठक में कांग्रेस प्रमुख के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक, वीरेन्द सिंह और जगदीश टाइटलर भी मौजूद थे.
5 जून 2011 - 19:30
समाचार कोड: 245562
कांग्रेस ने राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में शनिवार रात हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर चौतरफा प्रहारों से मनमोहन सरकार का बचाव करते हुये कहा कि पार्टी निहित स्वार्थी राजनीतिक दलों और साम्प्रदायिक तत्वों के गठजोड की चुनौती के खिलाफ देशव्यापी अभियान छेड़ेगी