3 जून 2011 - 19:30

यमन की राजधानी सना में शुक्रवार को राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के पैलेस को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की गई। पैलेस में स्थित मसजिद पर हुए हमले में राष्ट्रपति सालेह को घायल होने की खबर है। सना में तैनात एक पश्चिमी देश के राजनयिक ने सालेह के घायल होने की बात कही है। हालांकि यमन के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति सालेह सकुशल हैं और प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री और संसद अध्यक्ष समेत अन्य कई लोग घायल हो गए हैं

यमन की राजधानी सना में शुक्रवार को राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के पैलेस को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की गई। पैलेस में स्थित मसजिद पर हुए हमले में राष्ट्रपति सालेह को घायल होने की खबर है। सना में तैनात एक पश्चिमी देश के राजनयिक ने सालेह के घायल होने की बात कही है। हालांकि यमन के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति सालेह सकुशल हैं और प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री और संसद अध्यक्ष समेत अन्य कई लोग घायल हो गए हैं। सना में भयंकर लड़ाई जारी है। हर तरफ धमाकों की आवाजें सुनाई दे रहीं हैं। लोगों ने खुद को घरों में कैद कर रखा है।

यमन के दो अधिकारियों ने बताया कि हमले में सालेह बिल्कुल सुरक्षित हैं। उन्हें कोई क्षति नहीं पहुंची है। अधिकारियों ने बताया कि सालेह के प्रतिद्वंद्वी नेता शेख सादिक अल अहमर के नेतृत्व वाले कबीलाई समर्थकों के हमले में प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री और संसद अध्यक्ष घायल हुए हैं। इसके अलावा हमले में चार गार्डों के मारे जाने की खबर है। यमन के उप सूचना मंत्री अब्दू अल जनादी ने बताया कि राष्ट्रपति सकुशल हैं और लोगों को जल्द ही संबोधित करेंगे। हमले में कुछ अधिकारियों को मामूली चोटों आई हैं।

यमन के एक विपक्षी टीवी स्टेशन ‘सुहैल’ ने पहले खबर प्रसारित की थी कि राष्ट्रपति पैलेस में स्थित मसजिद पर हुई गोलाबारी में सालेह मारे गए हैं। इस हफ्ते सना और अन्य इलाकों में अहमर के नेतृत्व वाली कबीलाई परिषद हाशिद के सैनिकों के सालेह समर्थकों सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष शुरू होने से यमन में गृह युद्ध के हालात बन गए हैं। यमन में पिछले 33 साल से शासन कर रहे अली अब्दुल्ला सालेह के खिलाफ जनवरी से शुरू हुए जनांदोलन में अब तक 370 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। जिसमें कम से कम 155 लोग गत 10 दिनों में मारे गए हैं।

सालेह के पैलेस पर हमला करने से पहले प्रदर्शनकारियों ने 50 ताबूतों के साथ रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इनकी हत्या सालेह समर्थक सुरक्षा बलों ने की। सना के दक्षिणी हिस्से में पहली बार भीषण लड़ाई छिड़ी हुई है। इस इलाके पर सालेह समर्थकों का कब्जा है। दक्षिणी शहर ताइज में विस्फोट की आवाजें सुनाई दी हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह रविवार से अब तक 50 लोगों के मारे जाने की खबरों की जांच कर रहा है। मेडिकल अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार की नमाज के लिए एकत्र प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले में दो पुलिसकर्मी मारे गए। सालेह समर्थक सुरक्षा बलों और शक्तिशाली कबीलाई परिषद हाशिद के प्रमुख अहमर के नेतृत्व वाले सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष के चलते हजारों लोग सना छोड़कर जा चुके हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अहमर के एक भाई के घर पर गोलाबारी हुई। वैश्विक दबाव को दरकिनार कर सालेह तीन बार खाड़ी देशों द्वारा पेश समझौते को तोड़ चुके हैं।

खाड़ी परिषद ने की लड़ाई रोकने की अपील
खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव ने शुक्रवार को यमन में सभी पार्टियों से लड़ाई खत्म करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इससे किसी को फायदा नहीं होगा। अब्दुलतीफ अल जयानी ने अल अरबिया टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि परिषद यमन के सभी पक्षों से तुरंत खून-खराबा बंद करने की अपील करता है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देश यमन की हरसंभव मदद करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि जीसीसी की मंत्रि परिषद यमन में लगातार जारी संघर्ष और बिगड़ते हालात से चिंतित और दुखी है।

लगभग 200 लोग पिछले दस दिनों में साना में भारी संघर्ष के दौरान सड़कों पर मारे गए हैं.