1 जून 2011 - 19:30

इमाम खुमैनी (र.ह) और विदेश नीति के शीर्षक के अंतर्गत विश्व सम्मेलन आज से तेहरान में आरंभ हुवा

इमाम खुमैनी (र.ह) और विदेश नीति के शीर्षक के अंतर्गत विश्व सम्मेलन आज से तेहरान में आरंभ हुवा है. इस सम्मेलन का विषय अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में इनफाक और हिमायती कदम के प्रभाव, है. इस्लामी क्रांति जो वास्तविक इस्लाम के सिद्धांतों पर आधारित है, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में बुनियादी परिवर्तन लाने के लिए नए और प्रभावी विचार रखता है.

और इस्लामी क्रांति के संस्थापक हज़रत इमाम खुमैनी (र.ह) के विचार व दृष्टिकोण  बहुत महत्वपूर्ण हैं जिन का पालन करके अपने देश और जनता की किस्मत सुधारी जा सकती हैं. इस सम्मेलन में तेहरान में तैनात विदेशी राजदूत और राजनीतिक लोग भाग ले रहे हैं

दूसरी ओर ईरान के संसद के अध्यक्ष डा. लारीजानी ने कहा है कि इस्लामी क्रांति के संस्थापक हज़रत इमाम खुमैनी (र.ह) इस्लामी लोकतंत्र ईरान की जागरूकता पर बल देते थे और पिछली सदी के प्रयासों को आपने क्रियात्मक बनाया हैं. डाक्टर लारीजानी ने आज संसद के खुले सत्र में हज़रत इमाम खुमैनी (र.ह) की बाइस्वीं बरसी पर संवेदना पेश करते हुए कहा कि इमाम खुमैनी ने ही इस्लामी फिक्र में परिवर्तन की बुनियाद रखी है.

इधर भारत की संसद के सदस्य मतीन अहमद ने कहा है कि हज़रत इमाम खुमैनी मुसलमानों के गठजोड़ पर बेहद बल दिया करते थे. मतीन अहमद ने विश्व में हुर्रियत पसंद आंदोलनों पर हज़रत इमाम खुमैनी के व्यक्तित्व के प्रभाव की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस्लामी क्रांति के संस्थापक हज़रत इमाम खुमैनी (र.ह) हमेशा बल देते थे कि मुसलमानों को विश्व साम्राज्यवाद के मुक़ाबले अपना गठबंधन बरकरार रखना चाहिए और मिलकर कदम उठाना चाहिए. मतीन अहमद ने कहा कि आज मुसलमानों की एक बड़ी मुश्किल मतभेद और एकता का ना होना है. उन्होंने कहा कि इमाम खुमैनी ने हमेशा बल दिया कि विश्व साम्राज्यवाद की हार के लिए मुसलमानों का एकजुट होना आवश्यक.