बगदाद: इराक के विदेश मंत्री फवाद हुसैन ने खुलासा किया है कि अमेरिका ने इराक से ईरान के साथ लगी अपनी ज्यादातर सीमा चौकियों को बंद करने के लिए आधिकारिक तौर पर कहा है। हालांकि, अमेरिका ने दो सीमा चौकियों को खुला रखने की छूट दी है।
अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में फवाद हुसैन ने कहा कि क्षेत्र के मौजूदा हालात से संकेत मिल रहे हैं कि युद्ध दोबारा शुरू हो सकता है।
उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल निर्यात रुकने से इराक को करीब 60 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति के बाद इराक का तेल निर्यात फिर से शुरू हो गया है।
इराकी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश ईरान के साथ दोस्ती और सहयोग का स्वागत करता है, लेकिन इराक के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इराक के पास ऐसी जानकारी है कि कुछ विदेशी पक्ष पड़ोसी देशों पर हमले करने के लिए इराक की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सऊदी अरब के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि बगदाद अपने मतभेदों को बातचीत और खुले संवाद के जरिए सुलझाना चाहता है।
फवाद हुसैन ने कहा कि इराक सरकार देश में सभी हथियारों का नियंत्रण सरकारी हाथों में लाने की योजना पर काम कर रही है। यह प्रक्रिया टकराव के बजाय बातचीत के जरिए पूरी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इराक के प्रधानमंत्री ने हथियारों के मुद्दे पर चार सशस्त्र संगठनों के साथ बातचीत में सहमति बनाई है।
विदेश मंत्री के मुताबिक, असाइब अहल अल-हक और कताइब सैयद अल-शुहदा ने अपने हथियार सरकार को सौंपने पर सहमति जताई है।
वहीं, नुजबा मूवमेंट और हिज्बुल्लाह ब्रिगेड के साथ इस मुद्दे पर बातचीत अभी जारी है।
उन्होंने यह भी बताया कि इराक में सक्रिय सशस्त्र संगठनों के हथियारों के मुद्दे पर ईरान के साथ भी संपर्क बनाए रखा गया है।
सरकार का उद्देश्य देश में हथियारों पर एकाधिकार स्थापित करना है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहे।
आपकी टिप्पणी