29 अक्टूबर 2026 - 17:53
ओबामा ने ईरान युद्ध को लेकर फिर की ट्रंप की आलोचना

ओबामा ने कहा—युद्ध से अमेरिका के मिसाइल भंडार में कमी आई, तेल और ईंधन की कीमतें बढ़ीं

वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को कमजोर किया है और इसके कारण अमेरिका के मिसाइल भंडार में कमी आने के साथ तेल एवं ईंधन की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।

अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, बराक ओबामा ने अमेरिकी राज्य जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक पार्टी की एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप के ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के फैसले पर सवाल उठाए।

ओबामा ने कहा, “मौजूदा राष्ट्रपति ने कई गलत फैसले लिए, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण एक ऐसे अनावश्यक युद्ध की शुरुआत करना था, जिसे कोई नहीं चाहता था और जिसके लिए किसी ने मतदान नहीं किया था।”

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने युद्ध के कारण देश के मिसाइल भंडार में आई कमी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अमेरिका पहले की तुलना में अधिक असुरक्षित हो गया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के मिसाइल भंडार में कमी आई है, जिससे देश की सुरक्षा कमजोर हुई है। ओबामा के अनुसार, ईरान को अब हुर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रभावी वीटो शक्ति हासिल है। यह वह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की आपूर्ति होती है।

ओबामा ने युद्ध के आर्थिक प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि डीजल महंगा हो गया है और लगभग सभी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ट्रंप प्रशासन की ओर से सात महीने पहले किए गए वादों, बयानों और घोषणाओं के बावजूद युद्ध अभी तक समाप्त नहीं हुआ है।

अपने संबोधन के दौरान बराक ओबामा ने वर्ष 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते का भी बचाव किया। यह समझौता उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुआ था।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2018 में अमेरिका को इस समझौते से अलग कर लिया था। ओबामा ने अपने हालिया बयान में इस समझौते का समर्थन करते हुए ईरान के खिलाफ मौजूदा युद्ध के फैसले पर सवाल उठाए।

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