वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ युद्ध पर अमेरिका का खर्च बढ़कर 47 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के आकलन के मुताबिक, अक्टूबर के मध्य तक युद्ध का खर्च पिछले महीने की तुलना में 3 अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ गया है।
अहले बैत अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसिया अल-यौम ने यह जानकारी दी है। सेंटकॉम ने 16 अक्टूबर को तैयार किए गए खर्च के अनुमान अमेरिकी कांग्रेस को सौंपे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध में इस्तेमाल किए गए हथियारों और गोला-बारूद की दोबारा आपूर्ति पर सबसे ज्यादा करीब 29 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। सैन्य अभियान के अतिरिक्त खर्चों के लिए लगभग 12 अरब डॉलर रखे गए हैं, जबकि नष्ट या खो चुके सैन्य उपकरणों को बदलने पर करीब 6.1 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है।
इसके अलावा, मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सहायता पर 7.6 अरब डॉलर खर्च हुए हैं। इसमें हवाई परिवहन, सैन्य ठिकानों का संचालन, संचार व्यवस्था और सैन्य रसद जैसी सेवाएं शामिल हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस अनुमान में मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान की मरम्मत का खर्च शामिल नहीं है। ऐसे में वास्तविक कुल खर्च इससे अधिक हो सकता है।
नए आंकड़े पेंटागन के सितंबर की शुरुआत में जारी किए गए पिछले अनुमान को अपडेट करते हैं। उस समय युद्ध पर करीब 43.6 अरब डॉलर खर्च होने की बात कही गई थी।
मूडीज एनालिटिक्स के अनुमान के मुताबिक, इस संघर्ष का आर्थिक बोझ अमेरिका के एक औसत परिवार पर अब तक करीब 2,000 डॉलर तक पहुंच चुका है।
ये आंकड़े दिखाते हैं कि युद्ध का खर्च केवल अमेरिकी सरकार के सैन्य बजट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आम अमेरिकी परिवारों पर भी पड़ने का अनुमान है।
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