तल अवीव: कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में संयुक्त अरब सूची के प्रमुख यूसुफ जबरीन ने बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को सत्ता से हटाने के लिए यहूदियों और अरबों के बीच वास्तविक राजनीतिक गठबंधन बनाने की अपील की है।
अहले बैत अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के मुताबिक, जबरीन ने कहा कि मौजूदा सरकार का विकल्प तैयार करने के लिए अरब नागरिकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करना जरूरी है।
उन्होंने नेतन्याहू की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जो भी राजनीतिक दल मौजूदा सरकार का वास्तविक विकल्प देना चाहता है, उसे अरब प्रतिनिधियों से बातचीत करनी चाहिए। जबरीन ने नेतन्याहू की सरकार को खून से सनी सरकार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेतन्याहू और इतामार बेन-ग्वीर की नीतियों ने अरब नागरिकों की जिंदगी मुश्किल बना दी है।
जबरीन ने कहा कि उनकी संयुक्त अरब सूची, नेतन्याहू, बेन-ग्वीर और बेज़लेल स्मोट्रिच की सरकार को हटाने के लिए अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करने को तैयार है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब इस्राईल के संसदीय चुनावों में वोटों की गिनती के दौरान संयुक्त अरब सूची की सीटें बढ़ने का अनुमान सामने आया।
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती अनुमानों में संयुक्त अरब सूची को 12 सीटें मिलने की संभावना थी। हालांकि, 70.7 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद इसका आंकड़ा बढ़कर 13 सीटें होने का अनुमान लगाया गया। इससे गादी आइज़ेनकोट के नेतृत्व वाली यशर पार्टी की एक सीट कम होने की संभावना जताई गई।
इसके अलावा, यूनाइटेड अरब लिस्ट को 6 सीटें मिलने का अनुमान था। इस तरह अरब दलों की कुल सीटें 19 तक पहुंचने की संभावना जताई गई।
रिपोर्ट में दिए गए अनुमानों के मुताबिक, नेतन्याहू के दक्षिणपंथी और धार्मिक दलों के गठबंधन को 54 सीटें, जबकि आइज़ेनकोट के गठबंधन को 49 सीटें मिलने की संभावना थी।
इस्राईल की संसद में सरकार बनाने के लिए 120 में से कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में किसी भी प्रमुख गठबंधन के पास अपने दम पर बहुमत नहीं था।
इस स्थिति में अरब दलों का रुख और उनके साथ संभावित राजनीतिक सहयोग नई सरकार के गठन में अहम भूमिका निभा सकता है।
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