25 अक्टूबर 2026 - 17:40
यमन सेना की सऊदी अरामको में निवेश करने वालों को चेतावनी

इसके अलावा, सऊदी अरब की तेल सुविधाओं के कर्मचारियों, मजदूरों और आम नागरिकों को इन ठिकानों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। यमन की सेना का कहना है कि ये तेल प्रतिष्ठान उसके संभावित सैन्य लक्ष्यों में शामिल हैं।

यमन की सशस्त्र सेना ने सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के शेयरधारकों से अपने शेयर जल्द बेचने और कंपनी में नया निवेश नहीं करने की अपील की है। यमन की सेना ने चेतावनी दी है कि कंपनी में निवेश जारी रखने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है।

यमन की सशस्त्र सेना से जुड़े एक सैन्य अधिकारी ने रविवार को समाचार एजेंसी सबा से बातचीत में यह चेतावनी दी।

सैन्य अधिकारी ने सभी एयरलाइंस, विमान कर्मचारियों और यात्रियों से भी अपील की कि वे सऊदी अरब के हवाई अड्डों का इस्तेमाल करने से बचें। बयान में जेद्दा और मदीना को छोड़कर सऊदी अरब के अन्य हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र को असुरक्षित बताया गया।

इसके अलावा, सऊदी अरब की तेल सुविधाओं के कर्मचारियों, मजदूरों और आम नागरिकों को इन ठिकानों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। यमन की सेना का कहना है कि ये तेल प्रतिष्ठान उसके संभावित सैन्य लक्ष्यों में शामिल हैं।

यमन की सेना ने इन चेतावनियों को अपनी ‘जैसे को तैसा’ और ‘नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी’ की रणनीति का हिस्सा बताया है।

यमन की सेना पहले भी दावा कर चुकी है कि उसने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, यानबू में अरामको की सुविधाओं, राबिग रिफाइनरी और दमाम व नजरान के हवाई अड्डों सहित कई ठिकानों को निशाना बनाया है। सेना का कहना है कि उसके हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक हमले बंद नहीं होते और नाकेबंदी समाप्त नहीं की जाती।

यमन की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरीअ ने भी पहले कहा था कि मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी अरब के हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र सैन्य कार्रवाई के दायरे में हैं।

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
टिप्पणीसंकेत
captcha