सनआ: यमन के वार्ता प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मोहम्मद अब्दुस्सलाम ने मिस्र के अल-अजहर के प्रमुख शेख अहमद अल-तैयब की उस अपील का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय युद्ध और संघर्ष रोकने तथा मध्यस्थता के लिए एक तत्काल समिति बनाने की मांग की थी।
मोहम्मद अब्दुस्सलाम ने इस अपील को अहम बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जारी युद्ध और तनाव को खत्म करना बेहद जरूरी है।
यमन उलमा संघ ने भी इस पहल का समर्थन किया है। संघ ने कहा कि सना, अल-अजहर की ओर से प्रस्तावित समिति की मेजबानी करने के लिए तैयार है। इसका उद्देश्य यमन के विभिन्न पक्षों के बीच बातचीत शुरू करना और उनके मतभेदों को दूर करना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अक्टूबर को शेख अहमद अल-तैयब ने क्षेत्र में चल रहे युद्धों को तुरंत और पूरी तरह रोकने की अपील की थी। उन्होंने अरब और इस्लामी देशों में भरोसेमंद लोगों की एक समिति बनाने का सुझाव दिया था, जो विभिन्न पक्षों के बीच मध्यस्थता कर सके और तनाव कम करने में मदद करे।
यमन के उलमा संघ ने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए सभी पक्षों के बीच ईमानदार बातचीत और मुस्लिम समुदाय की एकता जरूरी है।
संघ ने फिलिस्तीन, लेबनान और सीरिया में इजरायल के जारी हमलों और कब्जे का जिक्र करते हुए क्षेत्र के लिए इजरायल से पैदा होने वाले खतरों पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।
यमन के राजनीतिक वार्ता प्रतिनिधिमंडल और उलमा संघ ने क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने की पहल का समर्थन किया है। साथ ही, सना ने प्रस्तावित मध्यस्थता समिति की मेजबानी की इच्छा जताई है, ताकि बातचीत के जरिए मतभेद दूर किए जा सकें।
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