अइज़राइल के चैनल-12 ने दावा किया है कि हमास ने ग़ज़्ज़ा पट्टी में अपनी सैन्य और संगठनात्मक क्षमता का एक बड़ा हिस्सा अब भी बरकरार रखा है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस समय हमास के सशस्त्र लड़ाकों की संख्या लगभग 25 से 30 हजार के बीच होने का अनुमान है।
इज़राइली चैनल के मुताबिक, हमास ग़ज़्ज़ा में अपनी सुरंगों के नेटवर्क की मरम्मत और उसे मजबूत करने का काम भी जारी रखे हुए है। खास तौर पर उन इलाकों में, जो इज़राइली सेना के नियंत्रण में नहीं हैं, सुरंगों के पुराने रास्तों को सुरक्षित और दुरुस्त किया जा रहा है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हमास ग़ज़्ज़ा के अंदर रॉकेटों का उत्पादन जारी रखे हुए है। रॉकेट के हिस्से बनाने और उनकी मशीनिंग से जुड़े उपकरण कुछ ऐसे इलाकों में सक्रिय बताए गए हैं, जहां इज़राइली सेना ने जमीनी अभियान नहीं चलाया है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें कुछ उपकरण रिहायशी इलाकों के बीच भी मौजूद हैं।
हालांकि, चैनल-12 का दावा है कि हमास फिलहाल रॉकेट दागने से परहेज कर रहा है, ताकि इज़राइली सेना की जवाबी कार्रवाई से बचा जा सके। इसका मतलब यह है कि रॉकेट बनाने की क्षमता खत्म नहीं हुई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हमास ने अपने हथियारों को सुरक्षित रखने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। कथित तौर पर उसके कुछ हथियार ऐसे लोगों के पास रखे गए हैं, जो हमास की सैन्य शाखा के आधिकारिक सदस्य नहीं हैं। इज़राइली सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इसका उद्देश्य हथियारों के भंडार को सुरक्षित रखना और भविष्य में संभावित निरस्त्रीकरण की स्थिति में उन्हें पूरी तरह नष्ट होने से बचाना हो सकता है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में मिस्र की सीमा से ड्रोन के जरिए सैन्य उपकरणों की आवाजाही जारी रहने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इस बारे में उपकरणों की कोई निश्चित मात्रा नहीं बताई गई है।
कुल मिलाकर, चैनल-12 की इस रिपोर्ट का दावा है कि युद्ध में भारी नुकसान के बावजूद हमास ने ग़ज़्ज़ा में अपनी संगठनात्मक और सैन्य क्षमताओं के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को बनाए रखा है, जिनमें सुरंगों का नेटवर्क, हथियारों का भंडार और रॉकेट उत्पादन की क्षमता शामिल है।
29 सितंबर 2026 - 14:13
समाचार कोड: 1871637
इस समय हमास के सशस्त्र लड़ाकों की संख्या लगभग 25 से 30 हजार के बीच होने का अनुमान है
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