समाचार एजेंसी एबीएनए ने अल-मयादीन के हवाले से बताया कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने घोषणा की कि अमेरिकी खुफिया आकलन बताते हैं कि ईरान अब अपनी क्षमताओं और अमेरिकी ताकत की सीमाओं के बारे में पहले से अधिक जागरूक हो गया है।
यह खबर उसके बाद आई है जब कुछ समय पहले अमेरिकी थिंक टैंक CSIS (सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़) ने घोषणा की थी कि अमेरिकी «पैट्रियट PAC-3 MSE» इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार 28 फरवरी से 65% घटकर लगभग 759 तक पहुँच गया है।
इस अमेरिकी संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, सालाना केवल 183 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का उत्पादन होता है, और उनकी डिलीवरी में लगभग साढ़े तीन साल लगते हैं।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ की नवीनतम रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि THAAD प्रणाली के इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार भी 452 से घटकर 278 हो गया है।
इस अमेरिकी थिंक टैंक ने जोर देकर कहा कि THAAD इंटरसेप्टर मिसाइल भंडार के पुनर्निर्माण में कई साल लगेंगे।
समाचार नेटवर्क NBC ने भी हाल ही में अमेरिकी सरकारी अधिकारियों के हवाले से खुलासा किया कि अमेरिकी सेना अपने वायु रक्षा भंडार के तेजी से खाली होने के कारण ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के खिलाफ «चयनात्मक फायर» नीति लागू करने को मजबूर है।
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