अमेरिका की मिसाइलें खत्म होने का खतरा बढ़ गया है और इसी कारण ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाया है। CNN के मुताबिक, रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अगर युद्ध दोबारा शुरू होता तो अमेरिका की “मिसाइलें खत्म होने” का खतरा था।
ईरान के साथ पिछले 7 हफ्तों के युद्ध में 50% मिसाइल और इंटरसेप्टर खर्च हो चुके हैं। इतना ही नहीं स्टॉक फिर से भरने में 1-4 साल लग सकते हैं और पूरी तरह बहाल करने में इससे भी ज्यादा समय लगेगा। इसके अलावा CNN की एक और रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने संभावित बातचीत से पहले सहमति के लिए कुछ “मुख्य बिंदुओं” की लिस्ट ईरान को भेजी थी, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने भी ईरान को जवाब देने के लिए राजी करने की कोशिश की, लेकिन उसे भी सफलता नहीं मिली। इससे वॉशिंगटन को लगा कि ईरानी नेतृत्व के अंदर मतभेद हैं, जिसके कारण यह चुप्पी बनी हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए ट्रंप ने सीजफायर को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
खास बात यह है कि इस बार इसकी कोई तय समय सीमा सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा है कि अब भी उम्मीद बनी हुई है कि दोनों पक्ष जल्द ही बातचीत के लिए आमने-सामने आ सकते हैं।
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