गिरफ़तार किए गए कर्मचारियों पर आरोप है कि वह संवेदनशील प्रोजेक्टों की जानकारियां विदेशों को दे रहे थे।
तुर्की के एटार्नी जनरल की ओर से एलान किया गया है कि तुर्क इंटेलीजेन्स ने राजधानी अंकारा के सुरक्षा विभाग के सहयोग से कई जगहों पर छापे मारे। पकड़े गए लोगों में एक व्यक्ति प्रोजेक्ट मैनेजर है।
तुर्की का कहना है कि उसने स्थानीय टेक्नालोजी की मदद से बहुत से महत्पूर्ण रक्षा उपकरण तैयार कर लिए हैं। इस संदर्भ में तुर्की के सामरिक इलेक्ट्रानिक उद्योग केन्द्र असीलसान का नाम ख़ास तौर पर लिया जाता है।
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए छह जासूस लगभग एक साल से प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। जब उनके आवासों पर छापे मारे गए तो भारी मात्रा में विदेशी करेंसी बरामद हुई।
तुर्क अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए लोगों ने पश्चिमी देशों की बड़ी रक्षा कंपनियों को बड़ी संवेदनशील जानकारियां दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले भी कई जासूस गिरफ़तार किए जा चुके हैं इसीलिए इंटेलीजेन्स एजेंसियां हमेशा सतर्क रहती हैं।
तुर्की के पूर्व इंटेलीजेन्स चीफ़ इसमाईल हक़्क़ी ने कहा कि उनके देश के कई दुशमन और प्रतिस्पर्धी हैं इसलिए रक्षा उद्योग के क्षेत्र में हमें निशाना बनाया जाना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि अगर कोई देश इस मामले में लिप्त पाया गया तो उसके साथ तुर्की के संबंधों पर असर पड़ सकता है।