ईरान की राष्ट्रीय टीका समिति के सदस्य डॉक्टर अली रज़ा बीगलरी ने क्यूबा के साथ कोरोना का टीका बनाने के बारे में कहा कि क्यूबा दुनिया के गिने चुने देशों में है जहाँ टीका उत्पादन उद्योग बहुत ही आधुनिक है और बरसों पहले वह अकेला देश था जिसने टीका बनाने की टेक्नॉलोजी ईरान को दी।
उन्होंने क्यूबा के साथ कोरोना का टीका बनाने के बारे में कहा कि बच्चों के लिए नमूनिया का टीका बनाना दुनिया के सबसे जटिल टीकों में से एक है और दुनिया के सिर्फ़ 5 देश नमूनिया का टीका बनाते हैं, जिसमें क्यूबा भी शामिल है और उसका कोरोना का टीका नमूनिया के टीके के मुताबिक़ है और ईरान, नमूनिया का टीका बनाने का हिस्सा होने के नाते क्यूबा के साथ कोरोना का टीका बना रहा है। दोनों देशों के बीच 5-6 महीने से कोरोना वैक्सीन बनाने के आरंभिक चरण, जानवरों पर उसे टेस्ट करने और क्लीनिकय ट्रायल के लिए सहयोग जारी है। क्यूबा में कोरोना टीके के पहले और दूसरे चरण में स्पष्ट हो गया कि यह टीका बहुत सुरक्षित है, इसका कोई साइड इफ़ेक्ट सामने नहीं आया और रेज़ल्ट बहुत अच्छा निकला।
ईरान के पास्तोर इन्स्टीट्यूट के प्रमुख डॉक्टर अली रज़ा बीगलरी ने कहाः चूंकि क्यूबा में कोरोना के टीके के पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट सामने नहीं आया, इसलिए इस ओर से संतुष्ट रह सकते हैं कि तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल ईरान और क्यूबा में एक साथ अंजाम दिया जाए, जिसका अच्छा नतीजा निकलेगा और फिर सबको इसका टीका लगाने का चरण शुरु किया जा सकता है।
अली रज़ा बीगलरी ने बताया कि ईरान में पास्तोर इन्स्टीट्यूट में हिपेटाइटिस बी का टीका बनाने की टेक्नॉलोजी क्यूबा से मिली है। टेक्नॉलोजी मिलने से ईरान ने क़रीब पूरे देश को इस ख़तरनाक बीमारी का टीका लगाया।
ग़ौरतलब है कि ईरान के पास्तोर इन्स्टीट्यूट ने क्यूबा के सहयोग से 2019 से नमूनिया का टीका बनाना शुरू किया।