फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार, बताया जाता है कि ट्रम्प के समर्थकों ने जब कांग्रेस की इमारात पर हमला किया तो उस समय एक लैपटॉप चोरी हो गया जिसमें महत्वपूर्ण जानकारियां थीं। यह मामला अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक चुनौती बन गया है।
स्पूतनिक न्यूज़ एजेन्सी ने रिपोर्ट दी है कि अमरीकी एटार्नी जनरल माइकल शेरून ने गुरुवार को एक पत्रकार सम्मेलन में सचेत किया था कि कांग्रेस पर हमले के दौरान बड़ी मात्रा में चोरी हुई जिसका अनुमान अभी लगाना मुश्किल है।
उनका कहना था कि जो घटना घटी है उसके आयामों को स्पष्ट करने की आवश्यकता है और उसके प्रभावों को कम करने का प्रयास करें और जो चीज़ें चोरी हुई हैं उनमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चीज़ें भी हो सकती हैं।
इससे पहले अमरीकी चैनल सीबीएस ने रिपोर्ट दी है कि कांग्रेस पर हमला करने वालों का पता लगाना शुरु कर दिया गया है। इस चैनल ने एक जानकार सूत्र के हवाले से बताया है कि कांग्रेसे से एक लैपटॉप चोरी हुआ है जिसमें संभावित रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील डाक्युमेंट्स भी हो सकते हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस पर हमला करने वाले ट्रम्प के समर्थकों ने हमले के समय की अपनी तस्वीरें भी ट्वीटर पर शेयर की हैं जिनमें नेन्सी पेलोसी की मीडिया प्रभारी मिया अरेन्बर्ग के लैपटॉप की भी फ़ोटो है।
दूसरी ओर कांग्रेस के कार्यालय विभाग के प्रबंधक का कहना है कि जब कांग्रेस पर हमला हुआ तो वहां के सारे डिजिटल सिस्टम को आफ़ कर दिया गया था। उनका कहना था कि आटोमैटिक डिवाइस द्वारा कांग्रेस के कम्प्यूटर्स, लैपटॉप और केबिल को बंद कर दिया गया था।
कांग्रेस पर हमला करने वाले ट्रम्प के समर्थकों में से एक की वायरल तस्वीर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया जिसमें वह नेन्सी पेलोसी की कुर्सी पर पैर रखे हुए है। उसने कांग्रेस की इमारत से निकलने के बाद कहा कि जब से मैं नेन्सी पेलोसी के कमरे से बाहर निकला हूं तब से मुझे आंसू गैस की वजह से खांसी आ रही है, नेन्सी पेलोसी की मेज़ पर एक फ़ाइल रखी थी जिस पर मैंने लिखा कि हम पीछे नहीं हटेंगे।