6 जनवरी 2021 - 18:01
आतंकवाद से मुकाबले के लिए दोहरा मापदंड छोड़ना ज़रूरी हैः रक्षामंत्री

रक्षामंत्री ने कहा है कि ईरानी वैज्ञानिक की हत्या में जायोनी शासन का हाथ है

रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी ने ईरान के महान परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फ़ख्रीज़ादे की हत्या में विदेशी एजेन्सियों के हस्तक्षेप व भूमिका की ओर संकेत करते हुए कहा है कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि आतंकवाद से मुकाबले के लिए दोहरा मापदंड छोड़ देने की ज़रूरत है।

रक्षामंत्री ने विश्व के 60 से अधिक देशों के अपने समकक्षों के नाम पत्र भेजकर कहा है कि मौजूद प्रमाण इस बात के सूचक हैं कि ईरानी वैज्ञानिक की हत्या में जायोनी शासन का हाथ है और विश्व समुदाय का आह्वान किया है कि वह इस अमानवीय अपराध की भर्त्सना करे।

ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी ने शहीद फ़ख्रीज़ादे के प्रयासों विशेषकर कोरोना से मुकाबले हेतु उनकी उपलब्धियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान आतंकवाद की भेंट चढ़ने वाला एक देश है और गत चार दशकों के दौरान 17 हज़ार ईरानी नागरिक और इस देश के वरिष्ठ अधिकारी आतंकवादी हमलों में शहीद हो गये।

रक्षामंत्री ने कहा कि इस कार्य व हमले पर मौन, उसकी पुनरावृत्ति और विश्व के अधिक असुरक्षित होने का कारण बनेगा।

इसी प्रकार उन्होंने ईरान के महान परमाणु वैज्ञानिक की हत्या का आदेश देने वालों और हत्या करने वालों को दंडित किये जाने पर बल दिया और कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान इस अपराध का जवाब देने में अपने क़ानूनी अधिकार को सुरक्षित समझता है।

ज्ञात रहे कि ईरान के महान परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फ़ख़्रीज़ादे को राजधानी तेहरान के समीप 27 नवंबर 2020 को शहीद कर दिया गया था।