अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प 3 जनवरी 2020 को शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की कायरतापूर्ण तरीक़े से हत्या करवा कर इस अभिमान में थे कि उन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा युद्ध जीत लिया है लेकिन जैसे-जैसे समय गुज़रता गया, दुनिया शहीद जनरल क़ासिम की महानता को स्वीकार करती गई और ट्रम्प के लिए उसकी घृणा बढ़ती गई।
एक महान योद्धा जो इंसानियत को बचाने के लिए दुनिया के सबसे अधिक खूंख़ार आतंकियों का सफ़ाया कर रहा था तो दूसरा अपने द्वारा अस्तित्व में लाए गए आतंकियों को बचाने का भरपूर प्रयास कर रहा था। अतः शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी ने तो आतंकियों को पराजित करने का एलान कर दिया, उनके इस एलान से आतंकियों को वजूद में लाने वालों के कलेजों पर सांप लोट गया और उन्होंने अपनी खिसयाहट मिटाने के लिए इंसानियत के देवता कहे जाने वाले एक महान योद्धा को बुज़दिलों की तरह रात के अंधेरे में छिपकर शहीद कर दिया, लेकिन उन्हें यह अंदाज़ा नहीं था कि शहीद कभी मरता नहीं है बल्कि वह अमर हो जाता है। आज वे भी शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी को सलाम कर रहे हैं जो कल तक उनको पहचानते भी नहीं थे। वहीं दूसरी ओर आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को उनके विरोधियों के साथ-साथ वे भी नफ़रत भरी निगाहों से देख रहे हैं जो कल तक उनके समर्थक हुआ करते थे।

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम आने के बाद से लगातार धांधली का आरोप लगाने वाले ट्रम्प और अपनी अपमानजनक हार को स्वीकार न करने वाले ट्रम्प का एक ऑडियो वायरल हो गया है जिसमें वह ख़ुद सबसे बड़े चोर साबित होते दिख रहे हैं, क्योंकि वह चुनाव परिणाम बदलने के लिए जॉर्जिया के चुनाव अधिकारी ब्राड रफेनस्पेर्गर (Brad Raffensperger) पर दबाव डाल रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोन्ल्ड ट्रम्प ने चुनाव में वोटों की गिनती के दौरान हार की ओर बढ़ता देखकर जॉर्जिया के शीर्ष चुनाव अधिकारी को फोन करके चुनाव परिणाम 'बदलने' के लिए दबाव डाला था। ट्रम्प ने चुनाव अधिकारी से कहा था कि वह इस दक्षिणी राज्य में उनकी हार को जीत में बदलने के लिए पर्याप्त वोटों की 'तलाश' करें। अमेरिकी मीडिया में इस फोन कॉल का ऑडियो वायरल होने के बाद सियासी तूफान आ गया है और इसकी तुलना वॉटरगेट कांड से हो रही है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चुनाव में हार के बाद से लगातार यह दावा कर रहे हैं कि जो बाइडन के हाथों उनकी हार बड़े पैमाने पर वोटों की गड़बड़ी की वजह से हुई है। ट्रम्प के इस दावे को राज्यों और संघीय चुनाव अधिकारी तथा कई अदालतों ने खारिज कर दिया है। ट्रम्प ने जॉर्जिया के सेक्रटरी ऑफ स्टेट और रिपब्लिकन नेता ब्राड रफेनस्पेर्गर को यह फोन कॉल ऐसे समय पर किया था जब अमेरिकी कांग्रेस में उनके कुछ सहयोगियों ने बाइडन की जीत का औपचारिक प्रमाण पत्र देने का विरोध करने का फ़ैसला किया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन को 306 और ट्रम्प को 232 वोट मिले थे। यही नहीं बाइडन को ट्रम्प के मुक़ाबले 70 लाख ज़्यादा पॉप्युलर वोट मिले थे। अमेरिकी मीडिया में आए ऑडियो में ट्रम्प बार-बार ब्राड रफेनस्पेर्गर पर इस बात के लिए दबाव डाल रहे हैं कि वह बाइडन की बजाय उन्हें विजेता घोषित करें। ट्रम्प ने कहा, 'मैं बस यही चाहता हूं कि आप इसे करो। मैं केवल 11,780 वोटों की तलाश करना चाहता हूं, यह जो हमारे पास है, उससे अधिक है।' ट्रम्प ने कहा, 'आप जानते हो कि यह कहने में कोई ग़लत नहीं है कि आपने वोटों की फिर से गणना की है।' जॉर्जिया में तीन बार बैलट की गिनती की गई थी जिसके परिणाम स्वरूप बाइडेन के जीत के दो बार परिणाम आए। अंतिम परिणाम में जो बाइडन 11,779 से ज़्यादा वोटों से जीत गए थे। जार्जिया में कुल क़रीब 50 लाख वोट पड़े थे। रिपब्लिकन नेता ब्राड रफेनस्पेर्गर ने ट्रम्प के दावे को खारिज कर दिया था और उन्हें कहा था कि आप सोशल मीडिया पर वायरल फर्ज़ी बातों पर भरोसा कर रहे हैं।

कुल मिलाकर इस ऑडियो टेप के सामने आने के बाद अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर से पारा गरम हो गया है। ट्रम्प और ब्राड रफेनस्पेर्गर के ऑफिस ने इस टेप पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। इस बीच जो बाइडन कैंप ने ट्रम्प के फोन कॉल को अमेरिकी लोकतंत्र पर प्रहार बताया है। डोनल्ड ट्रम्प के इस फोन कॉल को आपराधिक कार्रवाई बताया जा रहा है। अमेरिका के वॉटर कांड का ख़ुलासा करने वालों में शामिल पत्रकार कार्ल बेरन्स्टेन ने इसे अमेरिकी राजनीति में तूफ़ान लाने वाले वॉटरगेट कांड से भी ख़राब बताया है। वहीं अमेरिकी मीडिया ट्रम्प को एक ऐसे नेता के तौर पर बता रही है जिसने न केवल अपने आपको अपमानित किया है बल्कि स्वयं अमेरिकी राष्ट्र के सिर को भी शर्म से झुका दिया है। कुछ टीकाकारों का कहना है कि इस रहस्योद्घाटन से पहले ट्रम्प कभी भी इतना अपमानित नहीं हुए थे। वहीं कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि ट्रम्प को अगर कंट्रोल नहीं किया गया तो वह अमेरिका में गृह युद्ध की बुनियाद डाल सकते हैं।