संयुक्त राष्ट्रसंघ की विशेष रिपोर्टर ने कहा है कि जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों के ख़िलाफ़ थी और इस संबंध में अमेरिका का क़दम इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन था। समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार अगनेस कालामार्ड (Agnes Callamard) ने ट्वीट करके एक बार फ़िर अमेरिका द्वारा जनरल क़ासिम सुलैमानी को शहीद किये जाने की भर्त्सना की और उसे अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के ख़िलाफ़ बताया।
इससे पहले नौ जुलाई की अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रसंघ की मानवाधिकार परिषद में उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण व सबूत पेश नहीं कर सका है कि जनरल क़ासिम सुलैमानी अमेरिकियों के लिए ख़तरा थे और ईरान के इतने बड़े कमांडर की हत्या वह भी तीसरे देश में अंतरराष्ट्रीय कानूनों और राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र के ख़िलाफ है।
राष्ट्रसंघ की विशेष रिपोर्टर ने इसी प्रकार रोयटर्ज़ के साथ साक्षात्कार में जनरल क़ासिम सुलैमानी को शहीद करने के संबंध में अमेरिकी दावे को निराधार बताया और कहा कि उसका यह कृत्य अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का खुला उल्लंघन है।
जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका को अच्छी तरह ज्ञात है कि उसने जनरल क़ासिम को शहीद करके अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन किया है किन्तु अपने अवैध और अमानवीय कृत्य का औचित्य दर्शाने के लिए उसने कह दिया कि जनरल कासिम सुलैमानी अमेरिकियों के लिए ख़तरा थे।
इसी प्रकार इन हल्कों का मानना है कि अमेरिका ने जनरल क़ासिम सुलैमानी को जो शहीद किया उसका मुख्य कारण यह था कि उन्होंने इराक़ और सीरिया में आतंकवादियों के समर्थन के लिए अमेरिका द्वारा बनाये गये बहुत से षडयंत्रों पर पानी फेर दिया था इसलिए अमेरिका जनरल सुलैमानी को अपने शैतानी व साम्राज्यवादी हितों के मार्ग की सबसे बड़ी रुकावट समझता था।