2 जनवरी 2021 - 17:12
हज़ारों सुलैमानी आईआरजीसी में ज़िन्दा हैं, ईरान समुद्र के ऊपर से समुद्र के अंदर गाइडेड बमों की वर्षा करेगा, हम दुश्मन की किसी भी चुनौती या अतिक्रमण को निरुत्तर नहीं छोड़तेः जनरल सलामी

जनरल सलामी ने कहा कि तीनों ईरानी द्वीपों की एक- एक इंच ज़मीन की क़ीमत ईरानी लोगों की जानों की क़ीमत के बराबर महत्व रखती है।

ईरान की इस्लामी क्रांति के संरक्षक बल सिपाहे पासदारान (आईआरजीसी) के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी ने बल देकर कहा है कि हम दुश्मन की किसी भी चुनौती व अतिक्रमण को निरुत्तर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमने अपने व्यवहार से दर्शा दिया है और कह भी रहे हैं कि अगर दुश्मन ने हमारे ख़िलाफ़ कुछ किया तो उसे करारा जवाब देंगे। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में सिपाहे पासदारान की उपलब्धियों के निरीक्षण के दौरान तीनों ईरानी द्वीपों के बारे में कहा कि बू मूसा, तुंबे बुज़ुर्ग और तुंबे कूचिक ईरान के अटूट अंग हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे प्रिय देश की राजधानी यानी तेहरान की एक इंच ज़मीन पूरे राष्ट्र की जान के बराबर मूल्य व महत्व रखती है उसी तरह इन द्वीपों की एक- एक इंच ज़मीन भी ईरानी लोगों की जान के बराबर महत्व रखती है। जनरल हुसैन सलामी ने इन द्वीपों में ईरान की रक्षा तैयारियों की प्रशंसा की और कहा कि आज हम समुद्र में ईरान की रक्षा तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए यहां आये हैं। जब उनसे ईरान विशेषकर फार्स की खाड़ी में राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने उसके जवाब में कहा कि हमने अमल में दर्शा दिया है और कह भी रहे हैं कि अगर दुश्मन ने हमारे ख़िलाफ़ कुछ भी किया तो उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे और यह बात बारमबार सिद्ध भी हो चुकी है कि हम दुश्मन की किसी भी चुनौती या अतिक्रमण को निरुत्तर नहीं छोड़ते। सिपाहे पासदारान के प्रमुख ने बल देकर कहा कि नौसेना ने विशेषकर हालिया वर्षों में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर ली हैं और आज जो कुछ हम देख रहे हैं वह उन्हीं उपलब्धियों का एक भाग है। उन्होंने समुद्र में बिछाई जाने वाली गाइडेड बारुदी सुरंगों और समुद्र के उपर वायु से ड्रोन और ग़ैर ड्रोन विमानों से गाइडेड बमों को फायर किये जाने को सिपाहे पासदारान की उपलब्धि बताया। उन्होंने आईआरजीसी की नौसेना में मौजूद संघर्षकर्ताओं के अंदर अध्यात्मिक और ग़ैर अध्यात्मिक क्षमताओं व योग्यताओं की ओर संकेत किया और कहा कि इस प्रकार के शूरवीर युवाओं की मौजूदगी इस बात की सूचक है कि हज़ारों सुलैमानी आईआरजीसी में ज़िन्दा हैं और यह ज़मीन कभी भी इस प्रकार के लोगों से ख़ाली नहीं होगी। उन्होंने शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने विजय को समस्त मुसलमानों को उपहार स्वरूप प्रदान किया है और इस्लामी जगत का नया राजनीतिक मानचित्र बनाने में दुश्मनों के षडयंत्रों पर पानी फेर दिया और अमेरिका, जायोनी शासन और इसी प्रकार आतंकवादी गुटों को खुली पराजय का कटु स्वाद चखा दिया।