रूसी विदेशमंत्री सरगई लावरोफ ने कहा कि पश्चिमी देश, पूरी तरह से मानवीय मुद्दे कोरोना का न केवल यह कि राजनीतिकरण कर रहे हैं बल्कि इस के फैलाव को उन सरकारों को दंडित करने का साधन बना रहे हैं जिनसे वह अप्रसन्न हैं तथा एकपक्षीय प्रतिबंधों को अस्थाई रूप से खत्म करने की संयुक्त राष्ट्र संघ की अपील को भी नहीं मान रहे हैं।
रूसी विदेशमंत्री ने कहा कि रूस ने सन 2020 में कोरोना से नुक़सान उठाने वाले देशों की द्वीपक्षीय और संयुक्त राष्ट्र संघ के दायरे में मदद की है और इस संयुक्त महामारी से नुक़सान उठाने वालों की मदद में सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार है।
कोरोना वैक्सीन के लिए रूस और पश्चिमी देशों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा, कोरोना के फैलाव के साथ ही शुरु हो गयी थी और इस क्षेत्र में रूस की सफलता के विरुद्ध पश्चिमी मीडिया का प्रोपगेंडा अभी तक जारी है।
रूस, दुनिया का वह पहला देश है जिसने कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी को रजिस्टर्ड किया।
यह वैक्सीन 11 अगस्त को रूस में रजिस्टर्ड किया गया और उसके दस्तावेज़ विश्व स्वास्थ्य संगठन को भेजे गये।
रूस 10 अन्य वैक्सीन बनाने का इरादा रखता है।